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20 जनवरी, 2021|3:19|IST

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मायाराज के कई मंत्रियों को सता रहा गिरफ्तारी का डर

उत्तर प्रदेश में पूर्ववर्ती बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सरकार के दौरान हुए लैकफेड घोटाले के आरोपी कई मंत्रियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। पूर्व मंत्री बादशाह सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब करीब आधा दर्जन पूर्व मंत्रियों को यह भय सता रहा है कि कहीं पूछताछ के बहाने उन्हें भी गिरफ्तार न कर लिया जाए।

उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित लैकफेड घोटाला मामले में सहकारिता विभाग की विशेष जांच शाखा (एसआईबी) की ओर से अब तक करीब आधा दर्जन मंत्रियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा जा चुका है, लेकिन इन सभी मंत्रियों ने खुद पहुंचने की बजाय अपने वकीलों को भेजा।

एसआईबी इस घोटाले में अब तक पूर्व प्राविधिक मंत्री सदल प्रसाद, पूर्व दुग्ध विकास मंत्री अवधपाल सिंह, पूर्व माध्यमिक शिक्षा मंत्री रंगनाथ मिश्र, पूर्व कर एवं निबंधन मंत्री नंदगोपाल नंदी, पूर्व व्यावसायिक शिक्षा मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण और पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री अनीस अहद को पूछताछ के लिए नोटिस भेज चुकी है।

इन मंत्रियों के वकीलों ने जांच एजेंसी के सामने पेश होकर अधिकारियों से अतिरिक्त समय की मांग की है। एसआईबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि ये पूर्व मंत्री बादशाह सिंह की गिरफ्तारी से डरे हुए हैं। उन्हें लगता है कि पूछताछ के लिए बुलाने के बहाने उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।

बसपा शासनकाल के दौरान सहकारिता मंत्री रहे और मायावती के करीबी स्वामी प्रसाद मौर्य को बुलाए जाने के बारे में अधिकारी ने कहा कि उन्हें भी जल्द ही नोटिस भेजा जा सकता है।

इस संदर्भ में भाजपा प्रदेश इकाई के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि इन पूर्व मंत्रियों को यदि लगता है कि उनका दामन पाक साफ है और घोटाले में उनकी संलिप्तता नहीं है तो उन्हें किसी भी जांच एजेंसी के सामने पेश होने से डरना नहीं चाहिए।

उल्लेखनीय है कि लैकफेड घोटाला मामले में एसआईबी अभी तक पूर्व मंत्री बादशाह सिंह सहित नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

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