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चार देशों से मिली थी विद्रोह की खबर: एजाज़

अमेरिकी उद्योगपति मंसूर एजाज़ ने बताया कि उन्होंने पिछले साल अमेरिकी सेना के पूर्व प्रमुख को इसलिए एक मेमो भेजा था क्योंकि चार देशों की खुफिया एजेंसियों ने उन्हें पिछले साल ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद पाकिस्तान में सैन्य विद्रोह होने की आशंका के बारे में बताया था।
   
एजाज़ ने रहस्यमय मेमो मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित न्यायिक आयोग की सुनवाई में कल वकीलों की जिरह के दौरान यह बात कही। इस मेमो के बाद पिछले साल पाकिस्तान की असैन्य सरकार और सेना के बीच तनाव पैदा हो गया था।
   
उन्होंने कहा कि उन्हें पिछले साल दो मई के बाद आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शुजा पाशा की, कथित तौर पर विद्रोह के लिए समर्थन मांगने के लिए कई देशों की यात्रा के बारे में सूचना एकत्र की थी। साथ ही उन्हें सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की प्रतिक्रिया तथा सेना सचिव की राष्ट्रपति को लेकर प्रतिक्रिया का भी पता लगाया था।
   
बीते बरस दो मई को अमेरिकी विशेष बलों के हमले में बिन लादेन मारा गया था। एजाज़ ने दावा किया कि उन्हें पाकिस्तानी हवाई यातायात नियंत्रक कर्मचारियों और उन अमेरिकी हेलीकॉप्टरों के पायलटों के बीच हुई बातचीत की लिखित प्रतिलिपी मिली थी जिन्होंने ऐबटाबाद स्थित बिन लादेन के मकान के परिसर में कमांडोज उतारे थे।
   
एजाज़ ने दावा किया कि अमेरिकी पायलट और पाकिस्तानी हवाई यातायात नियंत्रक हमले से पहले तक एक दूसरे के संपर्क में थे जिससे पता चलता है कि पाकिस्तानी प्रशासन को हमले की जानकारी पहले से थी। उन्होंने कहा कि चार देशों की खुफिया एजेंसियों ने उन्हें सैन्य विद्रोह की संभावना के बारे में बताया था। बहरहाल एजाज़ ने इन देशों के नाम नहीं बताए।
   
लंदन से वीडियो लिंक के जरिये गवाही दे रहे एजाज़ ने एक सवाल के जवाब में बताया कि उन्हें मिली सूचना उन्हें यह विश्वास दिलाने के लिए पर्याप्त थी कि सैन्य विद्रोह होने को है।
   
एजाज़ ने कहा कि अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व दूत हुसैन हक्कानी ने जो कथित जल्दबाजी दिखाई उससे भी उन्हें लगा कि विद्रोह होने वाला है। इसके बाद उन्होंने अमेरिकी सेना प्रमुख एडमिरल माइक मुलेन तक एक मेमो पहुंचाने के लिए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जिम जोन्स से संपर्क किया।
   
उन्होंने बताया कि एक वरिष्ठ अनाम अधिकारी ने उन्हें उस बातचीत की लिखित प्रतिलिपी उपलब्ध कराई थी जिसमें पाकिस्तान हवाई यातायात नियंत्रकों की पाकिस्तानी वायुक्षेत्र में प्रवेश के दौरान अमेरिकी हेलीकॉप्टर के पायलटों के साथ हुई बातचीत का हर पल का ब्यौरा है।
   
एजाज़ ने अमेरिकी हमले के दौरान सेना प्रमुख के आधिकारिक आवास और राष्ट्रपति कार्यालय के बीच हुई बातचीत की लिखित प्रतिलिपी होने का भी दावा किया। उन्होने कहा अगर आयोग कहेगा तो भी मैं अपने सूत्रों का खुलासा नहीं कर सकता क्योंकि इससे अमेरिकी हित जोखिम में पड़गे।

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