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देशसंप्रग समन्वय समिति की पहली बैठक, नहीं आईं ममता

Wed, 08 Aug 2012 11:26 PM
संप्रग समन्वय समिति की पहली बैठक, नहीं आईं ममता

राकांपा प्रमुख शरद पवार द्वारा संप्रग में समन्वय तंत्र का मुद्दा उठाए जाने के एक पखवाड़े बाद सत्तारूढ़ गठबंधन के शीर्ष नेताओं ने बड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने की कवायद बुधवार रात शुरू की। सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली गठबंधन की समन्वय समिति की पहली बैठक में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने हिस्सा नहीं लिया। गौरतलब है कि संप्रग में तृणमूल दूसरा सबसे बड़ा घटक दल है।

करीब दो घंटे तक चली बैठक के बाद वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बाद में उपयुक्त तारीख का संकेत देंगी जब वह समिति की भविष्य में होने वाली बैठक में हिस्सा ले सकती हैं। समन्वय समिति का फार्मेट इस तरह का है कि इसमें संप्रग में गैर कांग्रेस घटकों के प्रमुखों का सिर्फ प्रतिनिधित्व है और समिति की हर महीने के आखिरी शुक्रवार को बैठक होगी और जरूरत पड़ने पर बैठक अक्सर हो सकती है।

कोलकाता से प्राप्त रिपोर्ट में कहा गया है कि ममता बनर्जी आज की बैठक में हिस्सा नहीं ले सकीं क्योंकि जंगलमहल में उनकी पहले से बैठक निर्धारित थी और उनकी अनुपस्थिति को बहिष्कार के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। राज्यसभा में तृणमूल के मुख्य सचेतक डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि उम्मीद है कि वह अगली बैठक में हिस्सा लेंगी।

चिदंबरम ने कहा कि यह सामान्य चर्चा थी और किसी विशेष मुद्दे पर चर्चा नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पवार ने सूखे का मुद्दा उठाया जबकि किसी और ने ईंधन सब्सिडी से कैसे निपटा जाए इस मुद्दे को उठाया। बैठक में उड्डयन क्षेत्र के समक्ष समस्याओं के साथ-साथ देश में निवेश माहौल पर भी चर्चा की गई। संप्रग के साल 2004 में केंद्र में सत्ता में आने के बाद से संप्रग समन्वय समिति का पहली बार गठन किया गया है। संप्रग-1 में समन्वय समिति थी लेकिन उसमें सिर्फ कांग्रेस और वाम दल शामिल थे।

आज की बैठक में द्रमुक की ओर से टीआर बालू ने हिस्सा लिया क्योंकि पार्टी प्रमुख एम करुणानिधि आने में सक्षम नहीं थे और इसलिए अपना प्रतिनिधित्व करने के लिए अपनी पार्टी नेता को तैनात किया। चिदंबरम ने कहा कि द्रमुक प्रमुख समिति की अगली बैठक में हिस्सा ले सकते हैं।

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