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स्तन कैंसर में मैमोग्राफी की नहीं होगी जरूरत!

वैज्ञानिक एक ऐसा रक्त परीक्षण विकसित करने के करीब पहुंच रहे हैं, जहां बेहद शुरुआती अवस्था में ही स्तन कैंसर का सटीक पता लगाया जा सकेगा। इससे एक दिन ऐसा आएगा कि मैमोग्राफी परीक्षण की जरूरत नहीं होगी।

कनाडा में मैकगिल यूनिवर्सिटी के एक दल ने बताया कि उन्होंने स्तन कैंसर का पता लगाने की मौजूदा तकनीक में सुधार किए हैं और साथ ही एक सामान्य किस्म के स्तन कैंसर की पहचान के लिए एक बायोमार्कर की खोज की है जो एस्ट्रोजन रिसेप्टर अनुकूल है।

टीम ने अपने परीक्षण के लिए स्वस्थ और स्तन कैंसर से पीड़ित मरीजों के रक्त के नमूने लिए और उसके बाद उन्होंने नमूनों में 32 विभिन्न प्रकार के प्रोटीन के जमाव को नापा।

टीम के अगुवा डेविड जकर ने कहा कि मैमोग्राफी धीमी और महंगी प्रक्रिया है और साथ ही असहज भी। इसलिए यह तरीका विकसित करने की कोशिश की गयी जो अधिक सटीक और सरल है।

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