DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सावधान: घर की ज्यादा साफ-सफाई कर सकती है आपको बीमार

सावधान: घर की ज्यादा साफ-सफाई कर सकती है आपको बीमार

घर की साफ-सफाई या खाना बनाने का शौक आपको बीमार भी कर सकता है। हैरान होने की बात नहीं है, बल्कि एक शोध में पता चला है कि घर के अंदर के प्रदूषण से मिचली और सिरदर्द के अलावा शरीर के नाजुक अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है।

हम अपने घर को साफ-सुथरा रखने के लिए बहुत से जतन करते हैं। घर में धूल-मिट्टी न दिखे, इसके लिए वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करते हैं। आबो-हवा में भीनी-भीनी सुगंध के लिए एयर फ्रेश्नर का छिड़काव करते हैं। एक ब्रिटिश उपभोक्ता वस्तुओं पर परामर्श देने वाले समूह ‘विच?’ के वैज्ञानिकों का दावा है कि घर की साफ-सफाई या घर में खाना बनाने से भी खतरनाक स्तर का प्रदूषण होता है। 

वीओसी का स्तर 34 गुना अधिक
वैज्ञानिकों ने दावा किया कि राजमर्रा के कामकाज के कारण घर के हर कमरे की आबोहवा में वॉलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड (वीओसी) का स्तर सर्वोच्च स्तर से भी 34 गुना अधिक पाया गया। हवा में मौजूद सूक्ष्म कण 560 गुना और कार्बन डाईऑक्साइड गैस का स्तर सामान्य से तीन गुना अधिक मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि दमा, हृदय या फेफड़ों के मरीजों के लिए घर के अंदर का प्रदूषण हद से ज्यादा खतरनाक हो सकता है। सामान्य लोगों में भी इनके कारण सिरदर्द, मिचली या नाजुक अंगों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। 

टोस्टर के इस्तेमाल पर भी खतरा
विशेषज्ञों ने कहा कि वीओसी का स्राव गैस पर खाना बनाने, टोस्टर का इस्तेमाल करने, लड़की या कोयला जलाकर के अलावा मोमबत्ती जलने से भी होता है। इसके अलावा वैक्यू क्लीनर या एयर फ्रेश्नर में मौजूद नींबू या अन्य खुशबू बिखरने वाले तत्व लिमोनेने और पाइनेने गैस भी वीओसी का स्तर बढ़ाती है। 

घर में हवा की आवाजाही दुरुस्त हो
समूह ‘विच?’ की प्रमुख वैज्ञानिक डॉक्टर स्टिफनी किपलिंग ने कहा कि घर के बाहर प्रदूषण के स्तर पर सबकी नजर रहती है, मगर घर के अंदर किसी का ध्यान नहीं जाता है। हमें अपने घर में हवा की आवाजाही को सुगम बनाए रखना चाहिए, ताकि इस तरह की हानिकारक गैसें या प्रदूषण आसानी से बाहर निकल जाए।
 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:make sick you cleaning your house