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चंद्रग्रहण से जुड़ी मिथकों को तोड़ने की तैयारी

शनिवार [10 दिसंबर] होने वाले पूर्ण चंद्रग्रहण के साथ ही विज्ञान लोकप्रियकर्ता समूहों ने इससे जुड़े मिथक दूर करनी की तैयारी शुरू कर दी है। ये समूह लोगों में चंद्रग्रहण से जुड़े मिथक तोड़ने के साथ ही कुछ मजेदार प्रयोगों को भी अंजाम देंगे।

बहुत सारे लोग यह मानते हैं कि ग्रहण के दौरान कुछ भी खाना नुकसानदायक होता है। इस मिथक को तोड़ने के लिए एक विज्ञान समूह कल इंडिया गेट के पास मैदान में भोज का आयोजन करेगा। स्पेस पॉपुलराइजेशन एसोसियेशन ऑफ कम्यूनिकेटर्स एंड ऐडुकेटर्स [एसपीएसीई] के निदेशन सीबी देवगन ने कहा कि हम ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को और बच्चों को इस तरह की खगोलीय घटनाओं को समझने में मदद करेंगे।

उन्होंने कहा कि मिथकों को दूर करने के लिए वह लोगों को इन खगोलीय घटनाओं के वैज्ञानिक कारण बताएंगे। चंद्रगहण के दौरान लोगों को खाने के लिए प्रेरित किया जाएगा और चंद्रग्रहण के पहले और बाद की उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट उन्हें दिखायी जाएगी।

देवगन ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को भी घर से बाहर निकलने और चंद्रग्रहण देखने के लिए कहा जाएगा। हालांकि इन सबसे इतर देश भर में कई बड़े मंदिर पांच घंटे लंबे इस चंद्रग्रहण के दौरान बंद रहेंगे। तिरूमला का प्रसिद्ध भगवान वेंकटेश्वर का मंदिर भी इस दौरान बंद रहेगा। एसपीएसीई के वेबसाइट पर चंद्रग्रहण का सजीव प्रसारण किया जाएगा।

राजधानी में नेहरू तारामंडल और एमेच्योर ऐस्ट्रोनॉमर्स ऐसोसियेशन ऑफ दिल्ली [एएएडी] भी मिलकर कल रात भर इस खगोलीय घटना के नजारे देखने की चाह रखने वाले लोगों के लिए चंद्रग्रहण उत्सव का आयोजन कर रहे हैं। नेहरू तारामंडल की निदेशक एन रत्नाश्री ने कहा कि कल चंद्रग्रहण के शुरू होने से लेकर समाप्त होने तक यहां यह उत्सव चलेगा।
 उन्होंने कहा कि इसमें शामिल होनेवाले लोगों को चंद्रग्रहण शुरू होने से पहले इससे जुड़े पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। सूर्यग्रहण के विपरीत चंद्रग्रहण को नंगी आंखों से देखा जा सकता है।

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