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पहलवानों का ओलम्पिक के लिए अभी क्वालीफाई करना शेष

लंदन ओलम्पिक शुरू होने में केवल चार माह का समय रह गया है और भारत का एक भी पहलवान इस महाकुंभ के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाया हैं लेकिन कुश्ती अधिकारियों का दावा है कि भारत इस बार भी ओलम्पिक कुश्ती का पदक जीत कर लाएगा।
   
भारतीय पहलवानों के लिए क्वालीफाई करने और फिर ओलम्पिक में पदक जीतने का सुनहरा और करीब करीब अंतिम अवसर कजाखस्तान के एस्टाना में आएगा जब 28 मार्च से एक अप्रैल तक होने वाले क्वालीफायर मुकाबलों में भारतीय पहलवान तीनों वर्गों में अपना भाग्य आजमायेगें।
   
इस प्रतियोगिता में फ्री स्टाइल : ग्रीको रोमन और महिला तीनों वर्गों में पहले दो स्थान पर आने वाले वाले पहलवानों को लंदन ओलम्पिक का टिकट मिल सकेगा। भारतीय पहलवान इस प्रतियोगिता के तीनों वर्गों में भाग लेगा।
   
इस मुकाबले से भाग लेने वाले पहलवानों का क्वालीफाई करने का अच्छा मौका इसलिए भी माना जा रहा है कि इसमें केवल एशिया के पहलवान ही भाग लेगें। लंदन ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई करने का पहला मौका इस्तांबुल में पिछले साल सितंबर में आयोजित विश्व कुश्ती प्रतियोगिता से था लेकिन इस प्रतियोगिता में भारत का एक भी पहलवान लंदन का टिकट नहीं पा सका था।
   
कजाखस्तान के बाद भी पहलवानों को क्वालीफाई करने के दो मौके और मिलेंगे। अपैल में चीन के ताइचुआन में तीसरा और फिनलैंड के हेलसिंकी में मई में चौथा ओलम्पिक क्वालीफायर होना है जिसमें दुनियाभर के पहलवान ओलम्पिक में जाने के लिए संघर्ष करेगें। लंदन ओलम्पिक 27 जुलाई से 12 अगस्त तक होने हैं।

भारतीय कुश्ती महासंघ के महासचिव राज सिंह का दावा है कि भारत के कम से कम आठ पहलवान ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई कर लेंगे। उम्मीद है कि चार या पांच पहलवान फ्रीस्टाइल और तीन पहलवान ग्रीको रोमन और एक या दो महिला वर्ग से क्वालीफाई कर सकते हैं।
   
सिंह ने कहा कि फ्री स्टाइल वर्ग से सुशील कुमार और योगेश्वर दत के क्वालीफाइ करने की पूरी उम्मीद है।
ओलम्पिक पदक वितेता सुशील कुमार के गुरू और द्रोणाचार्य पुरस्कार से नवाजे जा चुके महाबली सतपाल का कहना है कि लंदन ओलम्पिक में पदक ही नहीं बल्कि हमें इस बार केवल स्वर्ण जीतने पर ही संतुष्टि मिलेगी। इस बार हमारा लक्ष्य स्वर्ण पदक ही है।
   
उन्होंने कहा कि बीजिंग ओलम्पिक के कांस्य पदक विजेता सुशील कुमार (66 किलो) के अलावा हाल ही में एशियाई कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाले योगेश्वर दत्त (60 किलो) और अमित (55 किलो) भी क्वालीफाई करने के प्रबल दावेदार हैं।
   
सतपाल ने कहा कि फ्री स्टाइल वर्ग में हाल ही में नरसिंह, मौसम खत्री और पवन ने भी अच्छा प्रदश्र्रन किया है। सुशील की तैयारियों के बारे में पूछने पर सतपाल ने कहा कि उसकी तैयारी जोर शोर से चल रही है हम स्वर्ण के लिए प्रयास कर रहे हैं।
  
दिल्ली कुश्ती संघ के अध्यक्ष खलीफा जसराम ने कहा कि सच्ची बात तो यह है कि ओलम्पिक पदक जीतना मुश्किल जरूर है लेकिन नामुमकिन नहीं है। भारत के पहलवान काफी प्रतिभाशाली हैं हमारे पहलवान पदक जीत सकते हैं।
  
बीजिंग ओलम्पिक (2008) खेलों के लिए भारत के तीन पहलवानों ने क्वालीफाई किया था। जिसमें से सुशील कुमार (66 किलो) ने कांस्य पदक जीता था और योगेश्वर दत (60) क्वार्टर फाइनल में पहुंचा था जबकि राजीव तोमर (120) पहले दौर में पराजित हो गए थे।

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