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जांच के घेरे में कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष

कर्नाटक में लोकायुक्त की जांच के घेरे में आने वाले सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं की संख्या बढ़ती ही जा रही है। अब विधानसभा अध्यक्ष केजी बोपैया के खिलाफ धन का दुरुपयोग करने के मामले में जांच शुरू हो गई है।

लोकायुक्त कार्यालय पुलिस ने गुरुवार को कोडागू जिले के मुख्य शहर मैडिकेरी में बोपैया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर औपचारिक जांच शुरू कर दी है। कोडागू बेंगलुरु से 250 किलोमीटर की दूरी पर है।

बोपैया कोडागू से विधानसभा सदस्य हैं। उन पर 2006-07 के दौरान जिले में एक झील बनाने पर 40 लाख रुपये का दुरुपयोग करने का आरोप है। बौपैया जिले के विराजपेट निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं।

बोपैया कर्नाटक में लोकायुक्त पुलिस की जांच के घेरे में आने वाले भाजपा के आठवें नेता हैं। इन नेताओं की सूची में पहले नंबर पर राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा का नाम है। अवैध खनन घोटाले के मामले में नाम आने के बाद येदियुरप्पा ने 31 जुलाई को पद से इस्तीफा दे दिया था।

जांच में फंसे अन्य नेताओं में पूर्व मंत्री कट्टा सुब्रमन्या नायडू व एसएन शेट्टी व वर्तमान मंत्री आर अशोका (गृह), मुरुगेश निरानी (उद्योग) और वी सोमाना (गृह निर्माण) शामिल हैं।

कांग्रेस जिला परिषद की सदस्य सरिता पूनाचा ने दो दिसम्बर को बोपैया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक निजागनानवर ने लोकायुक्त पुलिस को बोपैया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।

विधानसभा की कार्यवाही में पक्षपात के मुद्दे पर बोपैया को पहले ही कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ रहा है। बोपैया के मुताबिक 14 या 15 दिसम्बर को इस प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। विधानसभा का 12 दिवसीय शीतकालीन सत्र पांच दिसम्बर को शुरू हुआ था।

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