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विकट परिस्थितियों में कोयला निकालते हैं मजदूर: मुख्य न्यायाधीश

पटना उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश रेखा एम. दोषित ने रविवार को झरिया-कोयलांचल का दौरा किया। इस दौरान बस्ताकोला क्षेत्र  के गोलकडीह परियोजना के व्यू प्वाइंट पहुंच ओपन कास्ट परियोजना में कोयला निकलने की तरकीब को देखा।

बाद में वे टिस्को झरिया डिवीजन की डिगवाडीह कोलियरी खदान पहुंचीं। वहां लगभग दो घंटे तक खदान के अंदर रहीं। श्रीमती दोषित ने कहा कि जमीन से कोयला निकालने की प्रक्रिया को देख वे काफी उत्साहित हैं।

टाटा झरिया डिवीजन के उप महाप्रबंधक संजय सिंह, जामाडोबा चीफ सनक घोष, डिगवाडीह कोलियरी प्रबंधक जसवीर सिंह, महिला अधिकारी बेनी लक्ष्मी गोपाल भी खदान के अंदर जाकर उत्पादन में प्रयोग आने वाले सभी उपकरणों से दोषित को रूबरू कराया।

उप महाप्रबंधक सिंह ने बताया कि आस्ट्रेलिया की तर्ज पर सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था के साथ टाटा प्रबंधन मजदूरों को सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराता है। चलचित्र के माध्यम से प्रबंधक जसवीर सिंह ने नई तकनीक के बारे में बताया।

इस पर दोषित ने कहा कि कोयला मजदूर काफी कठिन परिश्रम कर कोयले का उत्पादन करते हैं और राष्ट्र को ऊर्जा प्रदान करते हैं। मजदूर जितना मेहनत करते हैं और उन्हें जो लाभ मिलता है, उसमें बढ़ोतरी करने की जरूरत है।

उससे पूर्व मुख्य न्यायाधीश के साथ आए पदाधिकारियों का टिस्को परिवार ने स्वागत किया। दोषित के साथ धनबाद के प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश एसके सिंह, जूनियर दंडाधिकारी वीके पांडेय, बस्ताकोला क्षेत्र के अपर महाप्रबंधक पी चन्द्रा, परियोजना पदाधिकारी एससी मित्र, कार्मिक प्रबंधक प्रशासन एके दुबे, अरविंदो घोष, विनीता कुमारी, एनसी घोष, पीयुष तिवारी, जोड़ापोखर थाना प्रभारी आलोक सिंह, झरिया थानेदार श्रीकांत उपाध्याय सहित अन्य लोग थे।

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