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इसरो को संयुक्त उद्यमों के लिए चाहिए निजी भागीदार

इसरो को संयुक्त उद्यमों के लिए चाहिए निजी भागीदार

इसरो का उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी वैश्विक फलक पर अपनी विशिष्ट जगह बना रहा है और ऐसे में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्षेत्र की इस संस्था को अपने संयुक्त उद्यमों के लिए और अधिक निजी भागीदारों की जरूरत है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो के अध्यक्ष के राधाकृष्णन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि हमारे साथ 400 से अधिक औद्योगिक कंपनियां काम कर रही हैं। पीएसएलवी ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान ने इस उद्योग में अपनी विशिष्ट जगह बना ली है। यह 1.5 टन भार से अधिक के उपग्रह प्रक्षेपित कर सकता है। हम एक साल में 12 प्रक्षेपण कर रहे हैं। हमें भागीदारी के लिए और निजी कंपनियों की तलाश है।
  
पीएसएलवी-सी22 के जरिए भारत ने अभी अपने पहले नेविगेशन उपग्रह आईआरएनएसएस-1ए का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया जो नेविगेशन धरती पर किसी स्थान की ठीक-ठीक जगह की पहचान कराने के काम के लिए स्थापित देश का पहला उपग्रह है। प्रक्षेपण के बाद राधाकृष्णन ने कहा कि इससे सिर्फ यह साबित होता है कि पीएसएलवी बेहद विश्वसनीय है और इस प्रक्षेपण के साथ हम देश में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोगों के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। यह देश में उपग्रह नेविगेशन कार्यक्रम की शुरूआत है।
  
उन्होंने कहा कि मैं बेहद खुश हूं कि पीएसएलवी के जरिए यह एक और बेहतरीन उड़ान भरी गई। यह पीएसएलवी की लगातार 23वीं सफल उड़ान रही।

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