DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दूसरा डेब्यू और भी जानदार होगा : इरफान

टीम इंडिया में पौने तीन साल के अंतराल के बाद वापसी कर रहे तेज गेंदबाज इरफान पठान ने कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी इस दूसरी पारी को पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा प्रभावी बनाने की कोशिश करेंगे।

टीम में चयन के बाद इरफान ने कहा कि टीम से बाहर रहने के दौरान भी उन्होंने काफी कुछ सीखा है और अब स्विंग कराने में पहले से ज्यादा सक्षम हो गए हैं इसलिए उनके पदार्पण के मुकाबले ज्यादा प्रभावी गेंदबाजी वह अब कर सकेंगे।
 
उन्होंने कहा कि अगर आप किसी जमे जमाए बल्लेबाज को पुरानी गेंद से आउट कर दें तो इससे ज्यादा खुशी का क्षण कोई और नहीं हो सकता है। मैं अब इसके काबिल हो गया हूं। गेंदबाजी में मुझे जो तकनीक चाहिए थी, वह मैं हासिल कर चुका हूं।
 
भारत के लिए 100 से ज्यादा वनडे खेल चुके इरफान ने कहा कि अब मैंने गति पर ध्यान देना बंद कर दिया है। अब मेरा पूरा ध्यान इस बात पर रहता है कि गेंद को देर से स्विंग करा या फिर अपनी लेंग्थ से बल्लेबाजों को गलती के लिए मजबूर कर उन्हें आउट करुं। गति अपने आप ठीक हो जाएगी।
 
इरफान ने साथ ही कहा कि वह इस मौके का पूरा फायदा उठाकर राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि यह मौका मिलने से मैं बहुत खुश हूं और इसे खाली नहीं जाने दूंगा। इसका पूरा फायदा उठाकर मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करुंगा।
 
इस वर्ष रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप के सबसे सफल गेंदबाज रहे इरफान ने कहा कि देश के लिए एक सपना होता है और आज भी यह सपना मेरे दिलोदिमाग में जिंदा है। इस सपना का पूरा होना ही किसी के लिए भी सबसे बड़ी बात है। जिंदगी की कोई खुशी, कोई सुख, सुविधा इससे बढ़कर नहीं हो सकती है।
 
इरफान ने कहा कि रिहैब के दौरान एक-एक क्षण महत्वपूर्ण होता है। जब आप पीछे मुड़कर देखते हैं तो आपको कठिन मेहनत करने की प्रेरणा मिलती है और फिर जब इस मेहनत का फल मिल जाए तो आप खुद को बेहद भाग्यशाली मान सकते हैं।
 
उन्होंने कहा कि वह टीम में जगह मिलने या नहीं मिलने से ज्यादा नहीं घबराते हैं बल्कि हमेशा अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की ही कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि अपने ऊपर भरोसा करना और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना ही मेरा मूल मंत्र है। अंतत प्रदर्शन पर ही सब कुछ निर्भर करता है।
 
2003-04 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले इरफान 2008-09 के बाद अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य से अचानक गायब हो गए थे। इस दौरान उन्हें चोटों और फिटनेस से भी खूब जूझना पड़ा। वर्ष 2009 का टी20 विश्वकप उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:दूसरा डेब्यू और भी जानदार होगा : इरफान