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निजी इक्विटी निवेश बढ़कर 8.6 अरब डॉलर

निजी इक्विटी निवेश के लिहाज से भारत एक आकर्षक स्थल के रूप में उभरा है और वर्ष 2011 के पहले नौ महीनों के दौरान यहां पर 8.6 अरब डॉलर का निवेश हो चुका है।

एक अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक भारत निजी इक्विटी में निवेश के लिहाज से आकर्षक बाजार के रूप में उभरकर सामने आया है। वर्ष 2010 में जहां कुल निजी इक्विटी निवेश 8.2 अरब डॉलर रहा था वहीं मौजूदा साल के पहले नौ महीनों में ही इसने उस आंकडे को पार कर लिया है। गत सितंबर तक भारत में 8.6 अरब डॉलर का निजी इक्विटी निवेश हो चुका था।

रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक बाजारों के अस्थिर प्रदर्शन के बीच भारत की गतिशील अर्थव्यवस्था ने वर्ष 2009 से ही इसे निजी इक्विटी निवेश के लिहाज से आकर्षक बना दिया। आज स्थिति यह हो चुकी है कि सौदों की कीमत के हिसाब से भारत निजी इक्विटी निवेश के मामले में दुनिया में अमेरिका, ब्रिटेन, स्पेन, फ्रांस और चीन के बाद छठे स्थान पर पहुंच गया है।

वैसे निजी इक्विटी निवेश के मामले में भारत ने पहली बार वर्ष 2004 में 1.5 अरब डॉलर का आंकडा पार किया था। उसके बाद से भारत में निजी इक्विटी निवेश लगातार बढ़ता चला गया जो पिछले साल 8.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया। मौजूदा साल के पहले नौ महीनों में 8.6 अरब डॉलर का निवेश हो जाने के बाद साल के अंत तक यह आंकडा 10 अरब डॉलर तक पहुंच जाने की संभावना है।

लेकिन निवेश पर मिलने वाले सकल आंतरिक रिटर्न (आईआरआर) का शेयर बाजार से कम होना इसका एक नकारात्मक पहलू भी है। अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक निजी इक्विटी पर मिलने वाले 17.9 फीसदी का रिटर्न  मुंबई शेयर बाजार में मिले निवेश लाभ से कम है।

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