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व्यवसाय की दुनिया में सफलता का मंत्र

हमारी शिक्षा व्यवस्था में इंटर्नशिप हालांकि बहुत पुराना कॉन्सेप्ट नहीं है, लेकिन आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में सफलता के लिए यह बेहद जरूरी हो गई है। दरअसल इंटर्नशिप कोर्स के रूप में पढ़े हुए ज्ञान को व्यावहारिक धरातल पर परखने का एक अवसर है और वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल कर अपने को सक्षम साबित करना है।

दिव्या दिल्ली विश्वविद्यालय में बीबीई अंतिम वर्ष की छात्र है। हालांकि अभी उसके पेपर चल रहे हैं, पर उसके हाथ में अभी से एक नौकरी है। कोर्स के अंतिम वर्ष में आईटी कंपनी आईबीएम में की गई इंटर्नशिप दिव्या के लिए करियर के लिहाज से बेहतर साबित हुई, क्योंकि आईबीएम में की गई इंटर्नशिप ने उसे यह नौकरी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। दूसरी ओर पिछले वर्ष इग्नू से बीसीए करने के बावजूद अंकित एक निजी कंपनी में अभी भी बतौर इंटर्न ही काम कर रहा है। हालांकि दिव्या की ही तरह अंकित भी कोर्स के दौरान इंटर्नशिप कर चुका है, लेकिन इंटर्नशिप के दौरान बरती गई उदासीनता अंकित पर भारी पड़ी। नतीजा सामने है।

अक्‍सर छात्र-छात्राएं इंटर्नशिप को लेकर ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाते। इसका करियर पर प्रतिकूल असर पड़ता है। यह जरूरी है कि छात्र कोर्स की किताबों से हासिल किए ज्ञान को इंटर्नशिप प्रोग्राम के दौरान व्यावहारिक तौर पर लागू करें। ऐसा करने से कॉरपोरेट कार्य का अनुभव तो मिलता ही है, साथ ही इंडस्ट्री के मुताबिक तैयार होने का मौका भी मिलता है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राम प्रसाद कहते हैं कि इंटर्नशिप छात्रों के लिए बेहद जरूरी है। यह खुद को परखने का समय है। कंपनियां भी उन्हें ही तवज्जो देती हैं, जो उनके कामों को कम समय में जल्दी से समझ लेते हैं। अशोक लीलैंड कंपनी के मैनेजर योगेश कुमार बताते हैं कि उनकी कंपनी में साल में दो बार देशभर के विश्वविद्यालयों से इंजीनियरिंग के छात्र बतौर इंटर्न काम करने आते हैं। वह कहते हैं कि काम के प्रति लगाव इसी पीरियड में देखने को मिल जाता है। जो भी इंटर्न कंपनी को अपने अनुरूप दिखता है, उसे नौकरी पर रख लिया जाता है।

इंटर्नशिप को लेकर अधिकांश छात्रों के मन में बहुत से सवाल घूमते रहते हैं। मसलन गोरखपुर के संजीव यह जानना चाहते हैं कि जब कोर्स में सब कुछ सिखाया ही जाता है तो इंटर्नशिप की क्या जरूरत है?

कोर्स करने के बाद हकीकत में जो काम आपको करना है, इंटर्नशिप आपको उसमें खुद को ढलने का अवसर देती है। कोर्स में शामिल थ्योरी और असाइनमेंट्स से व्यावहारिक ज्ञान हासिल नहीं किया जा सकता, लिहाजा जरूरी है कि कंपनी में काम करते समय इंडस्ट्री के कामकाज को बेहतर ढंग से जानें। कंपनी के कर्मचारी विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं, उनके काम को समझने और उनके साथ शामिल होने की कोशिश करें, ताकि आप भी उनकी तरह तैयार हो सकें।

बीसीए कर रहे कैलाश जानना चाहते हैं कि इंटर्नशिप हमारे लिए कैसे ज्यादा से ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है?
इंटर्नशिप कमजोरियों को खूबियों में बदलने का अवसर देती है। बतौर इंटर्न किसी कंपनी में दबाव में काम करने से छात्रों को अपनी कई कमजोरियों का पता चलता है, इसलिए इस दौरान अपनी कमजोरियों को जान कर उन्हें दूर करने की कोशिश करनी चाहिए। इसके अलावा निजी क्षेत्र में प्रोफेशनल नेटवर्क विकसित करना भी बेहद जरूरी है, इसका अवसर भी इंटर्नशिप के दौरान मिलता है। जितने लोग आपको जानेंगे, आपकी बेहतर करियर की संभावनाएं उतनी ही अधिक बढ़ जाएंगी। यानी संपर्क करें, सीखें और अनुभव बांटें।

सासाराम के राजीव रंजन, जो डीयू से बीकॉम ऑनर्स कर रहे हैं, यह जानना चाहते हैं कि इंटर्नशिप के दौरान किस तरह से काम करें या अपना व्यवहार रखें कि आगे चल कर वही कंपनी नौकरी पर रख ले?  
कंपनियां इंटर्नशिप के दौरान यह देखती हैं कि आप काम को लेकर कितने पाबंद है। यानी आप काम डेडलाइन में कर पाते है या नहीं और काम के प्रति आपकी ईमानदारी कितनी है। इसके अतिरिक्त कंपनियां आपके व्यवहार को भी परखती हैं। इसलिए बतौर इंटर्न याद रहे कि अपने सीनियर्स और सहकर्मियों के साथ व्यवहार में अच्छे रहें। इन्हीं सहकर्मियों में जो सीनियर्स होते हैं या जिनके पास नियुक्ति का अधिकार होता है, अगर वे आप से प्रभावित हो जाएं तो इंटर्न के दौरान या बाद में आपको नौकरी के लिए बुला सकते हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय की रीना मुखर्जी जानना चाहती हैं कि एक इंटर्न को कितना वेतन मिलता है और क्या इंटर्नशिप एक तरह से नौकरी ही है?
पहली बात तो यह कि इंटर्नशिप में पैसा नहीं, काम सीखना खास है। कुछ कंपनियां इंटर्नशिप प्रोग्राम में इंटर्न को पैसा देती हैं तो कुछ नहीं देतीं। अमूमन छात्र उस कंपनी में इंटर्न करने चले जाते हैं, जहां ज्यादा पैसा मिलता है। भले ही वहां काम का माहौल न हो। जहां काम का अवसर, हो इंटर्न वहीं करें।

क्या इंटर्नशिप कोर्स के पार्ट के रूप में ही हो सकती है?
ऐसा नहीं है कि कंपनियां बतौर इंटर्न केवल उन छात्रों को रखती है, जिनके कोर्स में इंटर्न करना जरूरी है। अगर आप फैशन डिजाइनिंग के छात्र है और शोध में रुचि रखते है तो रिसर्च कंपनियों में इंटर्नशिप के दरवाजे आपके लिए खुले हैं।

ढूंढ़ें इंटरनेट पर इंटर्नशिप
इंटरनेट पर ढेरों साइट्स हैं, जो विभिन्न क्षेत्र की कंपनियों में इंटर्नशिप प्रोग्राम के बारे में जानकारी देती हैं। ऐसी ही कई साइट्स के बारे में हम बता रहे हैं।

जानें स्टाइपेंड कितना मिलेगा
www.10internship.in: यह मुफ्त साइट है। यहां रोजाना 10 सर्वश्रेष्ठ कंपनियों के इंटर्नशिप प्रोग्राम के बारे में जानकारी दी जाती है। अमूमन साइट पर कंपनियों द्वारा स्टाइपेंड की जानकारी नहीं दी जाती, जिससे छात्रों को कंपनी का चयन करने में दिक्कत आती है। कौन-सी कंपनी कितना स्टाइपेंड देगी या नहीं देगी, यहां आप आसानी से जानकारी जुटा कर आवेदन कर सकते हैं।

पढ़ें इंटर्नशिप के अनुभव
www.twenty19.com: इस साइट पर न सिर्फ इंटर्नशिप के बारे में आवेदन किया जा सकता है, बल्कि अलग-अलग कंपनियों में इंटर्नशिप कर चुके छात्रों के अनुभवों को भी पढ़ा जा सकता है। इन अनुभवों से आपको कंपनी के चयन में दिक्कत नहीं होगी। इतना ही नहीं, इंटर्न के बाद नौकरी पा चुके छात्र यहां लगातार नौकरी के अपडेट्स देते हैं।

मुफ्त में पाएं टिप्स
www.indiainternship.com: कई कंपनियां इंटर्न रखने से पहले साक्षात्कार लेती हैं। साक्षात्कार के लिए कैसे तैयारी करें और बतौर इंटर्न सीनियर्स के साथ किस तरह का व्यवहार रखें, ऐसे ही ढेरों टिप्स इस वेबसाइट पर मिल जाएंगे। इसके लिए किसी भी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया जाता।

आईआईटी के छात्रों की वेबसाइट
www.hellointern.com: छात्रों के करियर को सही दिशा देने के लिए वर्ष 2006 में इस वेबसाइट को आईआईटी मुंबई के छात्रों ने बनाया था। यहां आईआईटी में इंटर्न के लिए आने वाली कंपनियों की जानकारी तो दी ही जाती है, साथ ही अन्य क्षेत्रों की कंपनियों में इंटर्नशिप प्रोग्राम के बारे में बताया जाता है, लेकिन इसके लिए पंजीकरण कराना जरूरी है।

शोध कार्यों में भी करें इंटर्नशिप
www.letmeknow.in: इस वेबसाइट के जरिए आईआईटी, आईआईएम, जेएनयू या सीएसडीएस सरीखे शिक्षण संस्थानों में बतौर इंटर्न शोध करने के लिए आवेदन किया जा सकता है। समय-समय पर शोध के लिए कई केंद्रीय संस्थान शोध कार्यों के लिए इंटर्नशिप प्रोग्राम चलाते हैं। इनकी जानकारी आसानी से नहीं मिलती, लेकिन यह साइट ऐसे इंटर्नशिप प्रोग्राम की जानकारी एसएमएस संदेश या ईमेल के जरिए देती है।

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