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रिलायंस पिछड़ी, इंफोसिस बनी सबसे प्रभावी कंपनी

इन्फोसिस टेक्नोलॉजीज भारतीय शेयर बाजार की सबसे प्रभावी कंपनी बन गई है। बाजार पूंजीकरण और सूचकांक में कंपनी शेयरों के वजन को देखते हुये इन्फोसिस ने मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज को पीछे छोड़ दिया।

बंबई शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में कंपनी विशेष के शेयरों के भारांश के आधार पर यह गणना की गई है। इसमें पिछले कई सालों से रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की एकमात्र सबसे प्रभावशाली कंपनी बनी हुई थी, लेकिन उसके शेयर मूल्य में हाल में आई गिरावट का उसे खामियाजा उठाना पड़ा और वह खिसककर दूसरे स्थान पर चली गई।

बीएसई में कल का कारोबार बंद होने के समय सेंसेक्स में इन्फोसिस का भारांश 10.25 प्रतिशत था, जबकि इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज का वजन 10.08 प्रतिशत रहा। इसी तरह नेशनल स्टाक एक्सचेंज के निफ्टी में इन्फोसिस का शेयर 9.13 प्रतिशत भारांश के साथ शीर्ष पर तथा रिलायंस का शेयर 8.48 प्रतिशत के योगदान के साथ दूसरे नंबर पर रहा।

इन सूचकांकों में कंपनी विशेष के शेयर का भारांश हर दिन उसके शेयर के बाजार पूंजीकरण के हिसाब से घटता-बढ़ता रहता है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि भारांश के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज का पिछड़ना हैरान करने वाला नहीं है, क्योंकि काफी समय से सेंसेक्स में इसका शेयर खराब प्रदर्शन कर रहा था। हालांकि, यह अलग बात है कि कुल बाजार पूंजीकरण रिलायंस अब भी इन्फोसिस से आगे है।

समूह आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज इस साल जून में फिसलकर तीसरे स्थान पर आ गई थी। एचडीएफसी और टाटा समूह के कुल बाजार पूंजीकरण के बाद रिलायंस तीसरे स्थान पर आ गई थी। सेंसेक्स में एचडीएफसी लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक का कुल भारांश 13 प्रतिशत तक है, जबकि टाटा समूह की चार कंपनियों टीसीएस, टाटा स्टील, टाटा मोटार्स और टाटा पावर का सेंसेक्स में 11 प्रतिशत तक भारांश है।

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