DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

फिर उड़ान भरेंगे मिराज 2000 विमान

भारतीय वायुसेना में करीब एक महीने तक सेवा से बाहर रहने के बाद मिराज 2000 विमानों के इस माह के अंत तक फिर से आसमान में उड़ान भरने की संभावना है।
  
एयर चीफ मार्शल एन ए के ब्राउने ने बताया कि अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान मिराज 2000 का बेड़ा पांच मार्च के बाद करीब 35 दिन से जमीन पर खड़ा था। 11 दिनों के अंतराल में हुए दो विमान हादसों की जांच के कारण इन्हें उड़ान भरने से रोक दिया गया था।
   
ब्राउने ने कहा कि जांच की जा रही है और उसके बाद बेड़े के विमानों के इस माह के अंत तक फिर से उड़ान भरने की संभावना है। वायुसेना प्रमुख एयर फोर्स कमांडो कांफ्रेंस से इतर संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।
   
उन्होंने बताया कि हादसे का शिकार हुए विमानों के इंजन में कुछ गड़बड़ी पाई गई थी जिन्हें जांच के लिए मूल उपकरण निर्माता ओईएम सेनेस्मा कंपनी फ्रांस ले गई थी। मिराज 2000 का अच्छा सुरक्षित उड़ान रिकार्ड रहा है क्योंकि 1980 के दशक के मध्य में इन्हें सेवा में शामिल किए जाने के बाद से केवल छह विमान ही हादसों का शिकार हुए हैं।
  
24 फरवरी को एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उस समय इस विमान को एयर ऑफिसर पर्सनेल (एओपी) एयर मार्शल अनिल चोपड़ा उड़ा रहे थे। ग्वालियर स्थित अपने मूल अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद यह हादसे का शिकार हो गया था।
   
हादसे में आई चोटों के कारण एयर मार्शल चोपड़ा ने मंगलवार को रक्षा मंत्री ए के एंटनी को कमांडर्स कांफ्रेंस में बाएं हाथ से सलामी दी। दूसरा हादसा पांच मार्च को हुआ था।
  
भारतीय वायुसेना ने हाल ही में 3.2 अरब डॉलर के दो करारों पर हस्ताक्षर किए हैं जिनके तहत मिराज विमानों की क्षमताओं को फ्रांसीसी कंपनियों देसाल्त, थेल्स तथा एमबीडीए की मदद से समुन्नत किया जाएगा। देसाल्त को हाल ही में भारतीय वायुसेना के लिए 126 राफेल विमानों की आपूर्ति का ठेका दिया गया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:फिर उड़ान भरेंगे मिराज 2000 विमान