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भारत और अमेरिका बढ़ाएंगे स्वास्थ्य सहयोग

भारत और अमेरिका सूचना के आदान-प्रदान व सर्वश्रेष्ठ आचरणों के जरिए, नीतिगत चिंताओं की पहचान कर व उसे दूर कर तथा नई प्रौद्योगिकियों को विकसित कर सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे।

द्विपक्षीय सहयोग के मुद्दों का सहज क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने सम्बंधी सहमति सोमवार को भारतीय राजदूत निरूपमा राव और अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्री कैथलीन सेबेलियस के बीच सोमवार को हुई एक मुलाकात के दौरान बनी।

भारतीय दूतावास ने एक विज्ञप्ति में कहा है कि राव ने दोनों देशों की रणनीतिक बातचीत की मजबूती में और वैश्विक स्वास्थ्य की चुनौतियों -जैसे कि रोटावायरस वैक्सीन का विकास, एचआईवी/एड्स व गैरसंचारी रोगों पर नियंत्रण- से निपटने में भारत-अमेरिका के उज्वल स्वास्थ्य सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।

राव ने द्विपक्षीय स्वास्थ्य सहयोग को व्यापक और गहरा बनाने तथा लोगों को उचित दर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित कराने के लिए कैंसर अनुसंधान के क्षेत्र में उभर रहे सहयोग के अवसरों का जिक्र किया।

इसमें भारतीय राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के विकास और कम लागत वाली जैवचिकित्सा प्रौद्योगिकियों व स्वास्थ्य सूचना में खासतौर से सहयोग का मुद्दा शामिल है।

राव ने पारम्परिक चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग विकसित करने के अवसर को भी रेखांकित किया, जिसका अमेरिका में बड़ा बाजार सम्भव है।

बयान में कहा गया है कि जनवरी में हुए अपने भारत दौरे को याद करते हुए सेबेलियस ने कहा कि उन्हें उस दौरान भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली की जटिलताओं और उसकी चुनौतियों को समझने में मदद मिली थी।

सेबेलियस ने पिछले एक वर्ष के दौरान पोलियो उन्मूलन के लिए भारत द्वारा किए गए प्रयास की सराहना की, जिसके चलते भारत का नाम विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा तैयार की गई पोलियो प्रभावित देशों की सूची से हटा दिया गया है।

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