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24 जनवरी, 2020|7:58|IST

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छात्रों को बिना गारंटी मिलेगा शिक्षा ऋण

सरकार लेगी कर्ज की गारंटी, बजट में मिलेगी हरी झंडी
उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार जहां आम बजट में सर्व शिक्षा अभियान की तर्ज पर उच्चतर शिक्षा अभियान शुरू करने जा रही है। वहीं पेशेवर शिक्षा तक छात्रों की पहुंच बढ़ाने के लिए उन्हें आसानी से ऋण मिले, इसके लिए शिक्षा ऋण गारंटी कोष को भी मंजूरी दी जाएगी। इससे छात्रों को न तो अभिभावकों का आय प्रमाण पत्र देना होगा और न ही गारंटर खोजना पड़ेगा।

पांच सौ करोड़ रुपये के शुरुआती फंड से इसकी शुरुआत होगी। यह कोष एक मामूली शुल्क लेकर छात्रों के शिक्षा ऋण की वापसी की गारंटी देगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार इसे केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (केब) और योजना आयोग की मंजूरी मिल चुकी है। मंत्रालय ने इसकी शुरुआत के लिए पांच सौ करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव किया है। इसके तहत पेशेवर शिक्षा इंजीनियरिंग, मेडिकल, एमबीए आदि के लिए छात्रों को साढ़े सात लाख रुपये के ऋणों पर गारंटी दी जाएगी। वे इस कोष की मदद से बैंक में आवेदन करेंगे। उन्हें कोष को एक फीसदी की राशि उन्हें बतौर फीस चुकानी होगी। आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए यह सुविधा बिना फीस के होगी। यदि छात्र कर्ज नहीं लौटा पाते हैं तो ऋण के 75 फीसदी की भरपाई कोष करेगा, जबकि शेष 25 फीसदी छात्रों को किस्तों में देना होगा।

पेशेवर शिक्षा पर जोर
02 करोड़ छात्र उच्च शिक्षा में जाते हैं भारत में जो चीन के बाद सबसे अधिक है। तीसरे नंबर पर अमेरिका है।
19 फीसदी के आसपास है अभी उच्च शिक्षा में सकल प्रवेश दर
30 फीसदी तक सकल प्रवेश दर को पहुंचाने का लक्ष्य है सरकार का 2020 तक
10 फीसदी ही पेशेवर शिक्षा हासिल कर पाते हैं उच्च शिक्षा में जाने वाले
50 फीसदी होनी चाहिए उच्च शिक्षा में पेशेवर शिक्षा हासिल करने वालों की

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