DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हंसराज उठा रहा शोषण के खिलाफ आवाज

राजधानी में आयोजित क्वीर परेड और स्लट वॉक जहां एलजीबीटी (लेस्बियन, गे, बायोसेक्सुल और ट्रांसजेंडर) कम्यूनिटी को समाज की मुख्य धारा में शामिल करने में मददगार साबित हो रही है, वहीं दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र भी अब इस प्रयास में बढ़-चढ़कर अपना सहयोग दे रहे हैं।

यूं तो बहुत से कॉलेजों में इस मुद्दे को लेकर पहले से चर्चा, सेमिनार आदि होते आए हैं, लेकिन लेडीश्रीराम कॉलेज की तर्ज पर हाल ही में नॉर्थ कैंपस के हंसराज कॉलेज के छात्रों ने एलजीबीटी सोसाइटी शुरू की है। सोसाइटी की निर्माण समिति की सदस्या पंखुड़ी ने बताया कि यह सोसाइटी एलजीबीटी और शारीरिक शोषण के लिए समान रूप से कार्यरत है। छात्रों द्वारा इसे ‘पहचान जेंडर सेंसटाइजेशन फोरम’ नाम दिया गया है। इस सोसाइटी को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य एलजीबीटी कम्यूनिटी के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना और शारीरिक शोषण के खिलाफ आवाज उठाना है।

पंखुड़ी ने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले बनी यह सोसाइटी आठ से दस छात्रों द्वारा शुरू की गई थी, लेकिन अब तक इससे तीस से ज्यादा छात्र जुड़ चुके हैं। इनमें तीनों वर्षों के छात्र शामिल हैं। फिलहाल सोसाइटी में एक सेमिनार ही हुआ है, लेकिन हमारी योजना है कि युवा पीढ़ी को एलजीबीटी बराबरी, समानता व अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए हम दूसरे कॉलेजों के साथ मिल कर सेमिनार आदि की व्यवस्था करेंगे।

सोसाइटी से जुड़ी अन्य सदस्य रूपाली ने बताया कि अब तक कॉलेज द्वारा हमें इस सोसाइटी के लिए अनुमति नहीं मिली है। एक बार यदि कॉलेज प्रशासन भी इस प्रयास में हमारे साथ जुड़ जाएगा तो कैंपस के बाकी छात्र व शिक्षक भी आगे जरूर आएंगे।

लेडीश्रीराम कॉलेज की ड्रामा सोसाइटी की अध्यक्ष ऐनी ने बताया कि हमारे कॉलेज में एलजीबीटी की अलग से कोई सोसाइटी नहीं है, लेकिन हमारी ड्रामा व वुमैन डेवलपमेंट सोसाइटी इसके लिए काम कर रही है। यही नहीं इस साल कॉलेज का स्ट्रीट प्ले ‘क्या बुरा है क्या गलत’ भी एलजीबीटी पर ही आधारित है ताकि अलग-अलग कॉलेजों में यह संदेश पहुंचाया जा सकें।

ऐनी ने बताया कि दिल्ली यूनिवर्सिटी की आधुनिक सोच के बावजूद एलजीबीटी कम्यूनिटी को सामान्य न समझ कर किसी मानसिक परेशानी की तरह देखा जाता है पर वास्तविकता में ऐसा नहीं है। वहीं कुछ लोगों की सोच में बदलाव भी देखे जा रहे हैं। कॉलेज के स्ट्रीट प्ले के बाद से प्ले में शामिल ग्यारह लड़कियों में कई बदलाव देखे गए हैं। ऐसे ही यदि दिल्ली यूनिवर्सिटी और बाकी कॉलेजों के छात्र आगे आएं तो समाज की गलत अवधारणा को अवश्य बदला जा सकता है, जो पूरे समाज के लिए बेहतर होगा।

बदलाव

एलजीबीटी सोसाइटी के साथ डीयू के छात्र भी ले रहे हैं हिस्सा
छात्रों ने इसे ‘पहचान जेंडर सेंसटाइजेशन फोरम’ का दिया है
आठ-दस छात्रों के साथ शुरू की गई थी यह सोसाइटी
अब तक इससे तीस से अधिक छात्र जुड़ चुके हैं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:हंसराज उठा रहा शोषण के खिलाफ आवाज