DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

'वाइल्ड कार्ड नहीं मिलने के लिए महासंघ जिम्मेदार'

भारत के शीर्ष जिम्नास्ट आशीष कुमार ने आरोप लगाया है कि जिम्नास्टिक्स महासंघ की आपसी खींचतान के कारण उन्हें ओलंपिक का वाइल्ड कार्ड नहीं मिल पाया जिससे उनका लंदन खेलों में भाग लेने का सपना चकनाचूर हो गया।
    
आशीष ने कहा कि उनकी जगह बांग्लादेश के जिस जिम्नास्ट सईद सीजर को लंदन ओलंपिक के लिए एशिया से वाइल्ड कार्ड दिया गया है उसका प्रदर्शन आशीष के मुकाबले काफी खराब रहा है।
    
दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों और फिर चीन में एशियाई खेलों में पदक जीतकर इतिहास रचने वाले आशीष कुमार ने इलाहाबाद से बताया कि आईओए (भारतीय ओलंपिक संघ) ने मुझे वाइल्ड कार्ड के जरिए ओलंपिक में खेलने का मौका दिलाने के लिए आईओसी (अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति) को पत्र भी लिखा था लेकिन हमारे (जिम्नास्टिक्स) महासंघ ने आगे कोई प्रयास नहीं किया।
    
इस 21 वर्षीय युवा जिम्नास्ट ने आरोप लगाया कि महासंघ में आपसी खींचतान मची हुई है और खेल की ओर किसी का ध्यान नहीं है। अगर महासंघ ने ठोस प्रयास किये होते तो शायद उनका ओलंपिक में खेलने का सपना पूरा हो जाता।
    
हालांकि भारतीय जिम्नास्टिक्स महासंघ के अध्यक्ष जसपाल सिंह कांधारी ने आशीष के आरोपों को सिरे से खारिज किया। दरअसल, आईओसी और जिम्नास्टिक्स की वैश्विक संस्था मिलकर ओलंपिक खेलों के लिए हर महाद्वीप के उभरते जिम्नास्ट को वाइल्ड कार्ड देती है और आशीष के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए ऐसा लग रहा था कि उन्हें ओलंपिक में खेलने का मौका मिल सकता है।
    
जसपाल ने आशीष के आरोपों के उलट आईओए को इस पूरे प्रकरण के लिए परोक्ष रूप से जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि महासंघ ने आईओए से निजी रूप से आग्रह किया था कि आशीष को वाइल्ड कार्ड दिलाने के लिए पत्र लिखा जाए जिसके बाद आईओए ने पत्र लिखा था।
    
जसपाल ने कहा कि महासंघ तो केवल आग्रह ही कर सकता है, इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ी के लिए माहौल बनाने का काम आईओए का होता है। उन्होंने कहा कि शायद आशीष को पता ही नहीं है कि महासंघ की ओर से उन्हें आगे बढ़ाने के लिए कितने प्रयास किए गए हैं।
    
गौरतलब है कि आशीष ने राजधानी दिल्ली में 2010 में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में कलात्मक जिम्नास्टिक्स की फ्लोर स्पर्धा में कांस्य पदक और वॉल्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीता था। इसके बाद उन्होंने चीन के ग्वांग्क्षू में हुए एशियाई खेलों की फ्लोर स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया था। आशीष ऐसा कारनामा करने वाले पहले भारतीय जिम्नास्ट बने थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:'वाइल्ड कार्ड नहीं मिलने के लिए महासंघ जिम्मेदार'