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चार पुलों के लिए दूसरी बार भी नहीं पड़े टेंडर

झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा की लावा नदी पर तीन हाई लेबल पुल और डडगांव-अकासी सड़क पर शंख नदी पर पुल का निर्माण फिर से शुरू नहीं हो पाएगा। दूसरी बार भी किसी ठेकेदार ने इन प्रस्तावित योजनाओं के लिए टेंडर नहीं डाला। मुख्यमंत्री ग्राम सेतू योजना के तहत बनने वाले चारों पुलों की लागत करीब 12 करोड़ रुपए है।

लावा नदी पर अलबर्ट एक्का और डुमरी प्रखंड में तिगरा-नीमडीह, कमलपुर-जशपुर (छत्तीसगढ़) और तिगरा-पतराटोली सड़क पर क्रमश: 2.54 करोड़, 3.70 करोड़ और 3.20 करोड़ की लागत से पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। इनकी लंबाई क्रमवार 102 मीटर, 156 मीटर और 171 मीटर है।

वहीं चैनपुर के डडगांव-अकासी पथ (शंख नदी) पर 68 मीटर लंबे पुल का निर्माण 2.24 करोड़ की लागत से होना है। 29 फरवरी को दुबारा ई टेंडर निकाला गया। टेंडर डालने की अंतिम तिथि पांच मार्च थी। किंतु माओवादियों के भय से किसी भी ठेकेदार ने टेंडर डालना मुनासिब नहीं समझा।

पुल निर्माण का विरोध क्यों
बताया जा रहा है कि चारों पुलों के बनने से छत्तीसगढ़ और झारखंड पुलिस को सीमावर्ती क्षेत्र में अभियान चलाने में सहायता मिलती। इलाके में सक्रिय माओवादी इस खतरे की वजह से पुलों के निर्माण का विरोध कर रहे हैं। उधर इलाके के ग्रामीण लंबे समय से पुलों के निर्माण की मांग करते रहे हैं। टेंडर नहीं पड़ने से लोगों में मायूसी है।

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