DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गूगल अर्थ ने बिछड़े लड़के को 25 साल बाद मिलाया

अपने परिवार से पांच साल की उम्र में बिछड़े एक आदमी ने अपनी मां को 25 साल बाद गूगल अर्थ की मदद से खोज निकाला। उसने गूगल अर्थ पर अपने बचपन के ठिकाने को खोजा और वह अपने पैदाइशी गांव के काफी करीब तक पहुंच गया। भारतीय ट्रेनों में सफाई का काम करने वाला सारू यात्रा के दौरान 1986 में अपने भाई से बिछड़ गया था।

सारू ने कहा कि रात का समय था। हम ट्रेन से जा रहे थे और मैं काफी थका हुआ था, मुझे एक सीट मिली और मैं गहरी सीट में सो गया। मैंने सोचा कि मेरा भाई वापस आएगा और मुझे जागाएगा लेकिन जब मैं जगा वहां कोई भी
दिखाई नहीं दिया। मैंने अपने सामने एक ट्रेन देखी और सोचा कि वह इस ट्रेन में होगा, इसलिए मैंने उसमें चढ़ने का फैसला किया और आशा की कि मैं अपने भाई से मिल जाऊंगा।

लेकिन भाग्य को कुछ और मंजूर था। जगने के बाद सारू ने अपने आप को कोलकाता में पाया जहां पर उसने भीग मांगने का काम करने लगा। उसके बाद वह अनाथालय चला गया जहां पर उसे तस्मानिया के बिय्रली परिवार ने गोद ले लिया।

जब वह बड़ा होने लगा तो उसके अंदर इच्छा जागी कि वह कहां का है। उसके पास अपने गांव की कई यादें थी लेकिन उसका नाम नहीं पता था। उसने सुराग के लिए इंटरनेट पर खोजबीन शुरू की। उसने 14 घंटे का हिसाब किताब लगाते हुए रेल की चाल पर ध्यान देते हुए एक खाका तैयार किया। जिससे उसे अंदाज हो गया कि वह जिसको ढूंढ रहा है वह खंडवा है। वह खंडवा गया जहां पर लोगों की मदद से वह अपने घर पहुंच गया। वहां पर उसे अपनी मां मिलीं जो कि जिंदा थीं।
 

 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:गूगल अर्थ ने बिछड़े लड़के को 25 साल बाद मिलाया