DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

किंचू की चालाकी

चू खरगोश था तो नन्हा सा, पर बड़ा शैतान। उसके पापा सुबह-सुबह ऑफिस चले जाते थे। पापा जब तक घर में होते तो वो सीधा सा बना रहता, पर जैसे ही पापा घर से चले जाते तो उसकी शैतानियां शुरू हो जाती थीं। कभी वो मम्मी की किचन से कोई समान उठाकर बाहर फेंक देता तो कभी बड़े भाई पिंकू की बुक्स फाड़ने लगता। मम्मी का तो चीख-चीखकर बुरा हाल हो जाता था।

किंचू ने अभी स्कूल जाना शुरू नहीं किया था, लेकिन उसका दिमाग काफी तेज था। वो जो कुछ भी देखता, सुनता, तुरंत सीख जाता। उसे तो पिंकू की कई पोयम्स भी याद हो गई थीं। सारे दिन घर में घूम-घूमकर वही गाता रहता। मम्मी से तो इतने सारे सवाल पूछता था कि मम्मी जवाब देते-देते थक जाती थीं। रोज दोपहर को जब उसका भाई पिंकू स्कूल से आता, तो वो उसके साथ खेलने की जिद करने लगता था।

दोनों भाई शाम को घर के बाहर बैट-बॉल खेला करते थे। पिंकू तेज शॉट मारता तो किंचू गेंद लेने भागता। एक दिन उनकी बॉल पास वाले बगीचे में जा गिरी। दोनों गेंद लेने वहां पहुंचे। वहां अमरूद के बहुत सारे पेड़ लगे थे। पिंकू को अमरूद बहुत पसंद थे, इसलिए बाग में पहुंचते ही उसने अमरूद तोड़ने शुरू कर दिए। यह देखकर किंचू ने उससे कहा, ‘भईया अमरूद मत तोड़ो, आवाज सुनकर वो भेड़िया अंकल आ जाएंगे।’

यह सुनकर पिंकू हंसा और उसने कहा, ‘कोई बात नहीं। अगर वो आए तो हम भाग जाएंगे।’

लेकिन किंचू को पता था कि भेड़िया अंकल बहुत खतरनाक हैं। कुछ दिन पहले ही तो उन्होंने बाग से अमरूद तोड़ने की बात पर अकरम बिल्ले की जमकर पिटाई की थी। किंचू यह सब याद कर ही रहा था कि तभी भेड़िये के आने की आहट उसे सुनाई दी।

उसने तुरंत पिंकू से कहा, ‘भईया, नीचे उतर जाओ। वो आ रहा है।’

लेकिन पिंकू नीचे उतरने की बजाय डर के मारे पेड़ के पत्तों में छिप गया।

तभी वहां भेड़िया आया और उसने वहां किंचू को देखकर पूछा, ‘अरे बच्चे, यहां कोई आया था क्या? तू तो पेड़ पर चढ़ नहीं सकता, लेकिन क्या तूने किसी को अमरूद तोड़ते हुए देखा है?’

यह सुनते ही किंचू समझ गया कि भेड़िए ने उसके भाई पिंकू को देखा नहीं है। किंचू ने आसपास देखा और वहां पड़े एक ड्रम को देखकर उसे एक तरकीब सूझी। उसने भेड़िए से कहा, ‘अंकल, मैंने किसी को इस ड्रम में छिपते देखा है। शायद वो आपके बाग से अमरूद तोड़कर यहां छिप गया होगा।’

यह सुनते ही भेड़िया ड्रम में झांकने लगा। मौका पाकर पीछे से किंचू ने उसे ड्रम में धक्का दे दिया और ड्रम का ढक्कन बंद कर दिया।

अब भेड़िया ड्रम में फंस चुका था। पिंकू पेड़ से यह सब देख रहा था। वो तुरंत नीचे उतरा और दोनों भाई वहां से भागकर घर आ गए। लेकिन दोनों ने रास्ते में ही यह प्रोमिस किया कि वो अब कभी बाग में नहीं जाएंगे और ना ही लालच करेंगे, क्योंकि लालच का फल बुरा होता है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:किंचू की चालाकी