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महंगाई दर और कम होने की आस: प्रणब

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को विश्वास व्यक्त किया कि अगले कुछ महीनों में महंगाई दर और कम होगी और उसके बाद स्थिर हो जाएगी।
   
मुखर्जी ने लोकसभा में आम बजट पेश करते हुए कहा कि समग्र मुद्रास्फीति वर्ष में अधिकांशतया उंची बनी रही। केवल दिसंबर 2011 में जाकर यह कुछ कम होकर 8.3 प्रतिशत तक आई और जनवरी 2012 में 6.6 प्रतिशत रह गई। उन्होंने कहा कि मासिक खाद्य मुद्रास्फीति फरवरी 2010 में 20.2 प्रतिशत थी जो कम होकर मार्च 2011 में 9.4 प्रतिशत रह गई और जनवरी 2012 में यह ऋणात्मक हो गई।
   
मुखर्जी ने कहा कि यद्यपि फरवरी 2012 की मुद्रास्फीति के आंकडे मामूली रूप से बढे हैं, मुझे आशा है कि अगले कुछ महीनों में समग्र मुद्रास्फीति और कम होगी और उसके बाद स्थिर हो जाएगी।
   
उन्होंने कहा कि भारत की मुद्रास्फीति मुख्य रूप से कषि संबंधी आपूर्ति की अडचनों और वैश्विक लागत में बढोतरी से प्रभावित होती है। सौभाग्यवश खाद्य आपूर्ति प्रणालियों को सुढृढ करने हेतु वितरण, भंडारण और विपणन व्यवस्था की खामियों को दूर करने के लिए उठाये गये कदमों ने हमें मुद्रास्फीति के अधिक कारगर प्रबंधन में सहायता की है और इससे खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट आई है।

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