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30 मार्च, 2020|6:47|IST

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3 साल तक करें रिटर्न फाइल, पा सकते हैं 10 गुना तक एक्सीडेंटल डेथ क्लेम

3 साल तक करें रिटर्न फाइल, पा सकते हैं 10 गुना तक एक्सीडेंटल डेथ क्लेम

कोर्ट में फाइल करना होगा आईटीआर सबमिट करने का प्रूफ

मान लिजिए परिवार में कमाने वाला व्यक्ति एक ही है जिसकी उम्र 25 साल है और उसकी सालाना इनकम पिछले तीन सालों में तीन लाख से लेकर के पांच लाख रुपये हुई है। उस व्यक्ति ने तीन साल तक लगातार रिटर्न फाइल किया है। अब अगर इस व्यक्ति की सड़क हादसे में मौत हो जाती है तो उस व्यक्ति के परिवार वाले कोर्ट से मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के तहत क्लेम ले सकते हैं। इसके लिए कोर्ट में पिछले तीन साल के आईटीआर का प्रूफ दाखिल करना होगा। इनकम टैक्स एक्सपर्ट और सीए अतुल गर्ग ने livehindustan.com को बताया कि प्राइवेट नौकरी करने वाले व्यक्ति के परिवार को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा जिसकी सड़क दुघर्टना में मौत हो गई है। ऐसे व्यक्ति को क्लेम अमाउंट इन्श्योरेंस कंपनियां उस थर्ड पार्टी इन्श्योरेंस से जारी करेगी जिस गाड़ी से व्यक्ति की डेथ हो गई है। क्लेम पर सुनवाई करने के लिए इन्श्योरेंस कंपनी और कोर्ट इनकम प्रूफ मांगेगी। कोर्ट इनकम के लिए केवल आईटीआर को ही वैलिड डॉक्यूमेंट मानती है।

3 साल तक करें रिटर्न फाइल, पा सकते हैं 10 गुना तक एक्सीडेंटल डेथ क्लेम
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ऐसे तय होगी मुआवजा राशि

गर्ग ने कहा कि इसके लिए कोर्ट और इन्श्योरेंस कंपनी बेसिक फार्मूले का प्रयोग करती है। जितनी उम्र व्यक्ति की बची थी उसको तीन साल के आईटीआर में फाइल की गई एवरेज इनकम का दो तिहाई करके गुणा कर दिया जाएगा। मान लिजिए किसी की एवरेज इनकम 5 लाख रुपये निकलती है और मरने के  समय व्यक्ति की उम्र 30 साल थी। तो फिर 5 लाख रुपये का दो-तिहाई किया जाएगा और इसके बाद उसे 20 साल से मल्टीप्लाई कर दिया जाएगा। इस तरह से क्लेम का अमाउंट निकलेगा। केवल 50 साल की उम्र तक क्लेम लेने की लीमिट है।    

3 साल तक करें रिटर्न फाइल, पा सकते हैं 10 गुना तक एक्सीडेंटल डेथ क्लेम
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सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से मिलने लगा था ज्यादा क्लेम

एक्सीडेंटल क्लेम मामलों के वकील एस एस पांडेय ने बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट के सेक्शन 163A के अनुसार क्लेम मिलेगा। मुआवजा राशि को लेकर के सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला मिसाल है जो अब सभी जगह प्रयोग मे लाया जाता है। कोर्ट ने 15 अप्रैल 2009 को सरला वर्मा बनाम दिल्ली ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन के केस में मुआवजा राशि पर लगी लिमिट को बढ़ा दिया था।  एमवी एक्ट में 40 हजार रुपये की अधिकतम सीमा थी, जिसे कोर्ट बदल दिया था। आईटीआर की तीन सालों की एवरेज इनकम को राशि कैलकुलेट करने का आधार बनाया था।      

3 साल तक करें रिटर्न फाइल, पा सकते हैं 10 गुना तक एक्सीडेंटल डेथ क्लेम
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  • Web Title:file itr for 3 years can give you 10 times more accidental death claim