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'एफआईएच की धमकी संजीदा मसला, पर कामयाब होगी लीग'

खिलाड़ियों को विश्व सीरिज हॉकी से दूर रहने की अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की चेतावनी को गंभीर मसला मानने वाले लीग में दिल्ली विजाडर्स टीम के कोच रोलेंट ओल्टमेंस ने उम्मीद जताई है कि जल्दी ही यह मुद्दा सुलझ जाएगा और लीग कामयाब होगी।
    
दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कोचों में शुमार हॉलैंड के 57 वर्षीय ओल्टमेंस ने एजाक्स से कहा कि यह एक गंभीर मसला है। सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि हॉलैंड और बाकी देशों में भी खिलाड़ी पशोपेश में हैं। अधिकारियों से बात चल रही है और उम्मीद है कि जल्द ही मामला सुलझ जाएगा। यह लीग कामयाब होगी।
    
एफआईएच ने निम्बस स्पोटर्स और भारतीय हॉकी महासंघ की दस करोड़ रूपए ईनामी राशि की लीग को अनधिकत करार देते हुए खिलाड़ियों को इससे परे रहने की ताकीद की है। ऐसा नहीं करने की दशा में खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने की भी धमकी दी गई है।
     
हॉलैंड की 1990 विश्वकप विजेता महिला टीम, 1996 अटलांटा ओलंपिक और 1998 विश्वकप चैम्पियन पुरूष टीम के कोच रहे ओल्टमेंस ने कहा कि लीग में उनकी टीम भी इस समस्या से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की टीम के कप्तान अर्जेंटीना के लुकास विला भी राष्ट्रीय टीम के सदस्य हैं जिन्हें निलंबन के खतरे से जूझना पड़ रहा है। उनके अलावा शकील अब्बासी को भी पाकिस्तान हॉकी महासंघ ने निलंबन की धमकी दी है। मुझे हालांकि उम्मीद है कि ये खिलाड़ी लीग का अहम हिस्सा होंगे।

लीग को भारतीय हॉकी के लिए वरदान बताते हुए ओल्टमेंस ने इस बात को भी खारिज किया कि इससे भारतीय टीम की ओलंपिक क्वालीफायर की तैयारी पर असर पड़ेगा। विश्व सीरिज हॉकी 17 दिसंबर से 22 जनवरी तक खेली जानी है जबकि ओलंपिक क्वालीफायर दिल्ली में 15 से 26 फरवरी तक होने हैं।
    
ओल्टमेंस ने कहा कि इस लीग के जरिए भारतीय खिलाड़ियों को बेहद कम समय के भीतर शीर्ष स्तर की हॉकी खेलने का मौका मिलेगा। इससे तो ओलंपिक क्वालीफायर के लिए खिलाड़ियों को फायदा ही होगा चूंकि वे मैच फिट और फॉर्म में रहेंगे। यह तो भारतीय हॉकी के लिए वरदान है और खोया गौरव हासिल करने की दिशा में मजबूती से उठाया गया कदम भी साबित होगी।
    
भारत की राष्ट्रीय टीम के कोच के पद की दौड़ में रहे ओल्टमेंस भले ही ऑस्ट्रेलिया के माइकल नोब्स से पिछड़ गए हों लेकिन इस लीग को वे भारतीय खिलाड़ियों से जुड़ने का बेहतरीन मंच मानते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय टीम का कोच होना अलग अनुभव होता है लेकिन मेरा मानना है कि भारत में हॉकी की अपार संभावना है और यह लीग प्रतिभाशाली भारतीय हॉकी खिलाड़ियों से जुड़ने का मंच भी है। मेरे लिए यह अच्छा अनुभव होगा। यह कठिन टूर्नामेंट है और चुनौतीपूर्ण भी। मुझे यकीन है कि दिल्ली की टीम अच्छा प्रदर्शन करेगी।
     
ओल्टमेंस 12 दिसंबर को भारत लौटकर टीम से जुड़ेंगे।

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