DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बारहवीं बाद प्रवेश परीक्षाओं पर रहे ध्यान

आप यदि 12वीं की परीक्षा दे चुके हैं या अभी दे रहे हैं तो चौकस हो जाएं, क्योंकि अब आगे विभिन्न कोर्सेज में प्रवेश सिर्फ आपके नंबरों के आधार पर नहीं मिलने वाला। इसके लिए अब अधिकांश कोर्सेज में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षाएं ली जा रही हैं। क्या आप इन प्रवेश परीक्षाओं के प्रति सजग हैं?

बारहवीं बोर्ड की परीक्षा खत्म होने की कगार पर है। इस परीक्षा के बाद अब असली परीक्षा करियर की होगी। आगे क्या करना है, किस रास्ते जाना है और इसकी रणनीति क्या अपनानी होगी, इन सब पर अब चौकस होने की बारी है। करियर के चुनाव के लिए आने वाले दिनों में परीक्षाओं की तारीख पर तारीख पड़ेंगी। कभी ऑल इंडिया इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा है तो कभी आईआईटी की संयुक्त प्रवेश परीक्षा। कभी सीए तो कभी सीएस में  दाखिले के लिए परीक्षा। लॉ की राह अपनाने वालों के लिए कभी क्लेट है तो कभी बीबीए और बीसीए में दाखिले की प्रवेश परीक्षा। कुछ कोर्स में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा होगी, जिससे गुजर कर या पार कर के आगे की मंजिल तय करनी होगी। प्रवेश परीक्षा में थोड़ी चूक या असावधानी से आगे का रास्ता बंद हो जाता है। कहीं फॉर्म नहीं भरने और तो कहीं आवश्यक अंक नहीं जुटाने पर कई तरह की समस्याएं खड़ी हो जाती हैं। बारहवीं बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को इन तारीखों और कोर्स के कार्यक्रमों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स के छात्रों के लिए आगे की मंजिल इस प्रकार है-

बीबीए, बीबीएस
कॉमर्स के छात्रों के लिए बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और बैचलर ऑफ बिजनेस स्टडीज ऐसे कोर्स हैं, जिनमें छात्रों को मैनेजमेंट के क्षेत्र में करियर बनाने का मौका मिलता है। इसे मिनी एमबीए भी कहा जाता है। जो छात्र एमबीए करना चाहते हैं या प्रबंधन के क्षेत्र में जाना चाहते हैं, उनके लिए यह कोर्स खासा फायदेमंद है। इसमें दाखिले के लिए विश्वविद्यालयों और बिजनेस स्कूलों में प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए आमतौर पर 12वीं में 50 फीसदी अंकों की मांग की जाती है। जिन छात्रों ने बोर्ड परीक्षा दे दी है, लेकिन रिजल्ट नहीं आया है, वे फॉर्म भर सकते हैं। रिजल्ट आने पर ही दाखिला दिया जाता है।

बीबीए की तर्ज पर दिल्ली विश्वविद्यालय में बीबीएस कोर्स कराया जाता है। यह तीन कॉलेजों में है, जिसके लिए आवेदन पत्र आमतौर पर अप्रैल-मई में भरे जाते हैं। दाखिले के कार्यक्रम की घोषणा नहीं हुई है। गुरु गोबिन्द सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में बीबीए कोर्स कराया जाता है। इसमें दाखिले की प्रक्रिया जारी है। इन कोर्सेज में साइंस और आर्ट्स के छात्र भी दाखिला ले सकते हैं, बशर्ते वे दाखिले का क्राइटेरिया पूरा करते हों।

सीए, सीएस
सीए और सीएस कोर्स में भी दाखिले का काम बारहवीं के बाद शुरू होता है। इंस्टीटय़ूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया देश में विभिन्न जगहों पर स्थित केंद्रों के जरिए तीन स्तरीय कोर्स कराता है। कंपनी सेक्रेटरी बनने के दो रास्ते हैं। पहला बारहवीं के बाद और दूसरा स्नातक के बाद। बारहवीं पास छात्र को तीन स्तरीय कोर्स करना होता है।

पहले स्टेज पर फाउंडेशन, दूसरे पर एग्जिक्यूटिव और तीसरे स्तर पर प्रोफेशनल प्रोग्राम होता है। कुछ ऐसी ही प्रक्रिया सीए के लिए अपनाई जाती है। सीए का कोर्स इंस्टीटय़ूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट कराता है। परीक्षा में शामिल होकर दाखिला लेने के लिए इंस्टीटय़ूट की वेबसाइट पर जाकर कार्यक्रम देखें। 

बीएएलएलबी
पांच वर्षीय एलएलबी में बारहवीं पास छात्रों को आर्ट्स, कॉमर्स या साइंस में 50 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम अंक में 5 फीसदी की छूट है। टेस्ट में सफल होने वाले छात्रों को देश की 14 लॉ यूनिवर्सिटीज में दाखिला लेने का मौका मिलेगा। इस कोर्स में बीए की डिग्री भी शामिल होगी। इसके बाद छात्र एलएलएम में दाखिला प्राप्त कर सकते हैं।

बीबीई
कॉमर्स के छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ बिजनेस इकोनॉमिक्स कोर्स भी कर सकते हैं। इसमें प्रवेश परीक्षा के जरिए दाखिला दिया जाता है। करीब 10 कॉलेजों में चलने वाला यह कोर्स छात्रों को अर्थशास्त्र के उस रूप से रूबरू कराता है, जो बिजनेस के कामों में इस्तेमाल में लाए जाते हैं। आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया मई में शुरू होगी।

बीकॉम व ईको
बारहवीं बाद परम्परागत तौर पर सबसे लोकप्रिय कोर्स बीकॉम, बीकॉम ऑनर्स और ईको ऑनर्स है। बीकॉम ऑनर्स में दाखिला दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में बारहवीं की मेरिट के आधार पर दिया जाता है। इसमें उन्हीं छात्रों को प्राथमिकता दी जाती है, जिन्होंने 12वीं में कॉमर्स की पढ़ाई की है।

साइंस के छात्रों से दाखिले के लिए ज्यादा अंकों की अपेक्षा की जाती है। बीकॉम प्रोग्राम का भी यही हाल है। दोनों कोर्स में दाखिले की प्रक्रिया जून में शुरू होगी। इसी समय आवेदन पत्र भरने और कट ऑफ जारी करके दाखिला दिया जाएगा। बीकॉम ऑनर्स और ईको आनॅर्स में दाखिले के लिए 12वीं में गणित और अंग्रेजी भी पढ़ा होना चाहिए।

परम्परागत कोर्स के तहत कॉमर्स पृष्ठभूमि वाले छात्र अर्थशास्त्र ऑनर्स में भी दाखिला ले सकते हैं। इनमें भी दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले की प्रक्रिया वही है, जो बीकॉम ऑनर्स में है, यानी कट ऑफ के आधार पर दाखिला मिलेगा।

जो छात्र अंग्रेजी ऑनर्स में दाखिला चाहते हैं, उन्हें दिल्ली विश्वविद्यालय के कई कॉलेजों में प्रवेश परीक्षा के जरिए दाखिला मिलेगा। इस प्रवेश परीक्षा का नाम ‘केट’ दिया गया है। कई कॉलेज 12वीं की मेरिट के आधार पर दाखिला देते हैं।

एलिमेंट्री टीचर्स ट्रेनिंग कोर्स
बारहवीं के बाद रोजगारपरक कोर्स की चाहत रखने वाले छात्रों के लिए एलिमेंट्री टीचर्स ट्रेनिंग और बैचलर ऑफ एलिमेंट्री एजुकेशन है। इनमें जामिया मिल्लिया इस्लामिया और दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला प्रवेश परीक्षा के आधार पर दिया जाता है। प्रवेश परीक्षा मई-जून में होती है। जामिया में डीएड जैसे डिप्लोमा कोर्स में दाखिले के लिए आवेदन की प्रक्रिया जारी है।

दिल्ली विश्वविद्यालय में यह काम मई में शुरू होगा। यहां यह कोर्स बीएलएड के नाम से चलाया जाता है। प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए 60 फीसदी अंक होना अनिवार्य है। ऐसे छात्र होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी कर सकते हैं। अगर गणित या कंप्यूटर साइंस एक विषय के रूप में बारहवीं स्तर पर पढ़ा है तो बीसीए या बीएससी कंप्यूटर साइंस का कोर्स कर सकते हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बारहवीं बाद प्रवेश परीक्षाओं पर रहे ध्यान