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कास्टिंग काउच का कांटा लगा

जब भी कोई नाकाम या बेरोजगार अभिनेत्री किसी नामी शख्स पर आपत्तिजनक मांग करने का आरोप लगाती है तो पहली नजर में यही लगता है कि वह प्रचार पाने के लिए ऐसा कर रही है। पिछले दिनों सयाली की वजह से कास्टिंग काउच का मामला फिर गर्माया।

हाल ही में एक नई एक्ट्रेस ईशा गुप्ता ने एक इंटरव्यू में कहा कि बॉलीवुड में धड़ल्ले से कास्टिंग काउच होता है। कई एक्ट्रेस अपनी मर्जी से इसे कबूल लेती हैं और कई इसे मजबूरन अपनाती हैं। लेकिन कास्टिंग काउच बॉलीवुड का अभिन्न अंग रहा है और रहेगा। ऐसा नहीं है कि उन्होंने महज सस्ते प्रचार के लिए ऐसा कहा। उनके पास अच्छी फिल्में हैं। शायद उन्हें ऐसे प्रचार की जरूरत नहीं हैं। लेकिन एक नई एक्ट्रेस का ऐसा बयान चौंकाता है। अब जरा थोड़ा पीछे झांकें।

सयाली भगत का नाम तो आपने जरूर सुना होगा? सयाली ने एक प्रचार एजेंसी के जरिए शाइनी आहूजा, आर्य बब्बर और निर्देशक साजिद खान पर ये आरोप लगाए कि इन लोगों ने उनके साथ अभद्र हरकतें कीं। सयाली के इस बयान में दो बातें थीं। पहली तो यह कि इस फिल्म इंडस्ट्री में उनके साथ शुरू से ही इस तरह की हरकतें करने की कोशिश की जाती रही है जिनसे आजिज आकर अब वह फिल्में और हिन्दुस्तान छोड़ कर इटली में रह कर अपने मॉडलिंग करियर पर ध्यान लगाएंगी। दूसरी बात उन्होंने यह कही कि अगर इन चारों ने उनसे माफी नहीं मांगी तो वह पुलिस में रिपोर्ट करेंगी।

ताजा अपडेट ये भी है कि अब सयाली कह रही हैं कि उन्होंने ये आरोप लगाए ही नहीं। उन्होंने एक एजेन्सी को अपना ट्विटर एकाउंट मेन्टेन करने के लिए दिया था। उस एजेन्सी ने यह सब प्रचार के लिए किया। इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। ऐसे में सच किसे माना जाए?

सवाल यह भी उठता है कि क्या इस तरह के सारे आरोप हमेशा गलत ही होते हैं और सिर्फ प्रचार पाने के हथकंडे के तौर पर ही इनका इस्तेमाल किया जाता है? प्रीति जैन का दिलचस्प आरोप तो आपको याद ही होगा, जो उन्होंने ‘फैशन’, ‘चांदनी बार’ जैसी कई स्त्रीप्रधान फिल्में बना चुके डायरेक्टर मधुर भंडारकर पर लगाया था। फिलहाल यह केस कोर्ट में है। कुछ अर्सा पहले ऐसा ही आरोप अभिनेत्री पायल रोहतगी ने ‘खोसला का घोसला’, ‘ओए लकी लकी ओए’, ‘लव सेक्स और धोखा’ जैसी फिल्में बना चुके निर्देशक दिवाकर बनर्जी पर लगाया था।

पायल का कहना था कि दिवाकर ने उन्हें अपनी अगली फिल्म ‘शंघाई’ में रोल देने के एवज में उनसे फेवर की अपेक्षा की। पायल के इस आरोप के जवाब में दिवाकर का कहना था कि उल्टे पायल ये रोल पाने के लिए कुछ भी करने को तैयार थी। ऐसे मामलों में दिक्कत यही है कि बंद कमरों में होने वाली ऐसी बातों, हरकतों का कोई सबूत नहीं होता है। लोगों को पहली नजर में लोगों को यही लगता है कि ये आरोप लगाने वाला ऐसा पब्लिसिटी के लिए या फिर सामने वाले को ब्लैकमेल करने के लिए कर रहा है। लेकिन शक्ति कपूर के स्टिंग ऑपरेशन को आप क्या कहेंगे।

इससे कहीं ज्यादा अनोखा मामला गायक सोनू निगम का रहा है। सोनू ने मीडिया को लिखे एक खुले पत्र में एक फिल्म पत्रकार पर आपत्तिजनक मांग करने का आरोप लगाया था। बहरहाल, ग्लैमर की दुनिया के इस दबे-ढके पहलू को जितना न कुरेदा जाए उतना ही बेहतर है।

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