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अजमेरशरीफ ब्लास्ट में धनबाद पहुंची एनआइए

12 अक्तूबर 2007 को अजमेरशरीफ (राजस्थान) के ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में विस्फोट की जांच के सिलसिले में नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआइए) की एक विशेष टीम शनिवार को धनबाद पहुंची।

टीम ने धनबाद में अभिनव भारत नामक संगठन से जुड़े एक युवक की तलाश की। टीम जोड़ाफाटक, सरायढेला और रणधीर वर्मा चौक पहुंची और उस युवक की बाबत जानकारी जुटाई। 10 लाख के इनामी वांछित संदीप डांगे उर्फ परमानंद और रामचंद्र कलसांग्रा उर्फ रामजी उर्फ विष्णु पटेल की भी धनबाद में टोह ली गई।

अजमेरशरीफ ब्लास्ट में गिरफ्तार देवेंद्र गुप्ता (अजमेर), लोकेश शर्मा (इंदौर) और चंद्रशेखर बरोट (शाहजहांपुर, मप्र) ने दिल्ली सीबीआई स्पेशल क्राइम रिजन-2 के समक्ष पूछताछ में खुलासा किया था कि जिस सिमकार्ड के जरिए दरगाह में विस्फोट कराया गया था, उस सिमकार्ड की खरीद जामताड़ा के मिहिजाम की एक दुकान से की गई थी।

सिमकार्ड की खरीद के लिए धनबाद परिवहन विभाग से निर्गत ड्राइविंग लाइसेंस का इस्तेमाल हुआ। अजमेर के देवेंद्र और इंदौर के लोकेश का धनबाद में भी आना-जाना रहा है। वे जामताड़ा में भी वक्त गुजार चुके हैं। दोनों ने पूछताछ में बतौर मददगार धनबाद के एक युवक का नाम लिया है। उसी युवक की तलाश हो रही है।

अजमेशरीफ ब्लास्ट की छानबीन फिलवक्त एनआइए कर रही है। मूल रूप से इंदौर के वाशिंदे संदीप डांगे और रामचंद्र कलसांग्रा, जिनकी खोज-खबर धनबाद में भी ली जा रही है, के अभिनव भारत नामक उस संगठन से जुड़ाव की बात सामने आई है।

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और कर्नल एसपी पुरोहित के साथ दोनों के रिश्ते भी जांच के दायरे में है। 2006 में मालेगांव ब्लास्ट में भी इस संगठन की संलिप्तता के दावे किए जा रहे हैं। अजमेर ब्लास्ट की छानबीन के सिलसिले में दिल्ली सीबीआई की एक टीम दिसंबर 2010 को धनबाद पहुंच परिवहन विभाग में दस्तावेजों की छानबीन की थी। उस समय भी संदिग्ध पाए गए उस युवक की तलाश हुई थी।

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  • Web Title:अजमेरशरीफ ब्लास्ट में धनबाद पहुंची एनआइए