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DGCA ने रद्द किए 17 फर्जी पायलटों के लाइसेंस

सरकार ने गुरुवार को बताया कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पायलटों के लाइसेंसों की जांच के बाद 17 लाइसेंस फर्जी पाए तथा उन्हें रद्द कर दिया। नागर विमानन मंत्री वायलार रवि ने गुरुवार को राज्यसभा में बताया कि डीजीसीए ने सभी पायलटों के मामलों की समीक्षा की और कुल 17 लाइसेंस फर्जी पाए। इन लाइसेंसों को रद्द कर दिया गया है।
   
उन्होंने तारिक अनवर के एक पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि फर्जी पायलट के कारण विमान हादसे का एक मामला गोवा में हुआ था जहां एक निजी एयरलाइन का विमान हवाईअड्डे पर उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उन्होंने बताया कि डीजीसीए ने देश के लगभग सभी फ्लाइंग स्कूलों के कामकाज की समीक्षा की और खामियां पाईं। कुल 37 फ्लाइंग क्लबों में से अब तक 33 का ऑडिट किया जा चुका है। ऑडिट के अवलोकन के आधार पर अहमदाबाद एविएशन एकेड़मी को चेतावनी दी गई और बॉम्बे फ्लाइंग क्लब तथा बिरमी फ्लाइंग क्लब एकेड़मी प्राइवेट लिमिटेड का अनुमोदन निलंबित कर दिया गया।
   
रवि ने प्रकाश जावड़ेकर के पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि बड़ी संख्या में छात्र विदेशों में जा कर फ्लाइंग स्कूलों में प्रवेश लेते हैं। भारत आने पर इन छात्रों को डीजीसीए की अनुमति मिलने पर एक लिखित और एक प्रायोगिक परीक्षा पास करनी होती है। इसके अलावा, जिन विदेशी संस्थानों में ये छात्र प्रशिक्षण लेते हैं, वहां से प्रशिक्षण, विमान उड़ाने के घंटे आदि के बारे में सत्यापन किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य इन छात्रों के प्रशिक्षण के स्तर का पता लगाना होता है।
   
उन्होंने आर सी सिंह के पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि डीजीसीए के कामकाज की समीक्षा करने और उड्डयन संबंधी अन्य मुद्दों के समाधान के लिए एक सिविल एवियेशन ब्यूरो की स्थापना का सुझाव दिया गया था। इस बारे में एक विधेयक का मसौदा तैयार किया जा रहा है।
   
रवि ने अलका बलराम क्षत्रिय के पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि अनिवासी भारतीय और निजी पक्ष जो फ्लाइंग स्कूल स्थापित करते हैं उन्हें डीजीसीए कुछ शतरे के साथ लाइसेंस देता है। अब तक ऐसे स्कूलों के बारे में कोई शिकायत नहीं मिली है। फर्जी पायलट के बारे में ही पूछे गए रशीद मसूद के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में नागर विमानन मंत्री ने बताया कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा द्वारा की गई जांच के फलस्वरूप डीजीसीए के तीन अधिकारियों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाइसेंस जारी करने के मामले में उनकी कथित संलिप्तता के लिए निलंबित कर गिरफ्तार किया गया है। ये अधिकारी क्रमश: डीजीसीए में सहायक निदेशक प्रदीप कुमार, वरिष्ठ ड्रॉफ्टसमेन मोहम्मद कासिम अंसारी और उच्च श्रेणी लिपिक महान ज्योति भट्टाचार्य हैं।

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