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शास्त्रीय संगीत के मुरीद थे देव साहब: लता

प्रख्यात गायिका लता मंगेशकर ने देव आनंद को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया है, जिन्हें जीवन में दिलचस्पी थी और जिन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और न तो किसी चीज के लिए अफसोस किया।

लता ने समाचार चैनल, टाइम्स नाऊ से कहा, ''वह बहुत ही जीवंत व्यक्ति थी। वह अद्भुत व्यक्ति थे। वह अपनी उम्र और फिल्म उद्योग के बदले हालात के बावजूद लगातार काम करते रहे। कभी-कभी वह मुझे फोन करते थे और अपने काम के बारे में बताते थे। उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्हें किसी चीज का पछतावा नहीं था। वह कहा करते थे, 'मैं कभी हार नहीं मानूंगा। मैं इसलिए काम करता हूं, क्योंकि काम सक्रिय बनाए रखता है।' उनके व्यक्तित्व का यह अद्भुत पक्ष था।''

लता ने कहा, ''देव साहब शास्त्रीय संगीत के मुरीद थे। वास्तव में तीनों भाई (चेतन आनंद, देव आनंद और विजय आनंद) शास्त्रीय संगीत के बहुत मुरीद थे। वे कार्यक्रम आयोजित करते थे। वह अपने यहां हमें गाने के लिए आमंत्रित करते थे। वह शास्त्रीय संगीत को बड़े ही चाव से सुनते थे।''

ज्ञात हो कि अपनी सदाबहार फिल्म 'गाइड' के लिए मशहूर देव आनंद का रविवार को लंदन के एक होटल में निधन हो गया। आखिरी घड़ी में उनका पुत्र उनके साथ था। वह 88 वर्ष के थे।

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