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डीयू में फीस से ज्यादा कर रहे फैशन पर खर्च

दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश की परेशानियां दूर होने के बाद अब वह दिन आ गया है कि जब छात्र कैंपस में पहला कदम रखेंगे। पढ़ाई की बात तो बाद में होगी, पहले दिन मेकओवर ऐसा होना चाहिए कि सीनियर भी प्रभावित हो जाएं। इसीलिए डीयू जाने से पहले फ्रेशर ब्यूटी पार्लर की सेवाएं ले रहे हैं जिसके लिए 5 से 35 हजार रुपये तक खर्च किए जा चुके हैं। जो प्रवेश प्रक्रिया पर पड़ने वाले कुल खर्च से कहीं अधिक है।

मेकओवर केवल ड्रेस सेंस तक सीमित नही है। इसके लिए कॉस्मेटिक सजर्न और हेअर एक्सपर्ट की भी मदद ली जा रही है। कुल मिलाकर फैशन और खूबसूरती दोनों अपटेड होनी चाहिए। मेकओवर का 90 फीसदी हिस्सा दो सप्ताह पहले ही पूरा हो गया है, जबकि फाइनल टच के लिए अधिकांश छात्र शुक्रवार को ब्यूटी पार्लर पहुंचेंगे। लभगभ दो महीने प्रवेश प्रक्रिया चलने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय का नया सत्र 21 जुलाई से शुरू हो रहा है।
नये सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए यह दिन कुछ खास होगा। इन्हांस क्लीनिक के कॉस्मिटिक सजर्न डां. मनोज खन्ना ने बताया कॉस्मेटिक सजर्री में इस समय सबसे अधिक होठ, बाल और गाल में डिंपल का विशेष चलन है।

कॉस्मेटिक सजर्री के जरिए सामान्य होठों की माइनर सजर्री कर नया आकार दिया जाता है। लड़कियों में इस समय कैटरीना कैफ जैसे होठों की मांग सबसे अधिक है। जबकि प्रीति जिंटा जैसे गालों के डिंपल भी खूब पसंद किए जा रहे हैं। 10 से 15 दिन की कॉस्मेटिक प्रक्रिया में जरूरत पड़ती है तो हार्मोन्स रिप्लेसमेंट थेरेपी का भी इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें 3 हजार से 34 हजार तक का खर्च आता है।

वहीं लड़के हेअर लेजर और रंग साफ करने के लिए अधिक ध्यान दे रहे हैं। हेअर ड्राफ्टिंग के लिए पहले बालों की प्रकृति को समझा जाता है, जिसके बाद छात्रों को ड्राफ्टिंग कराने की सलाह दी जाती है। डरमेटोलॉजिस्ट डा. इंदु तुलानी कहती हैं कि कॉस्मेटिक सजर्री के लिए अब लड़कियों के साथ ही लड़के भी अधिक आ रहे हैं, जो नाक और चेहरे की खूबसूरती पर अधिक ध्यान देते हैं।

डीयू में प्रवेश एक सपना पूरा होने जैसा लग रहा है। प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मैंने अपने होठों का मेकओवर किया। मेरे होठ का निचला हिस्सा पतला था, जो अच्छा नहीं लगता था। दो सप्ताह पहले ही सजर्री कराई जिसमें 18000 का खर्च आया।
मानसी आहुजा, बीए ऑनर्स, डीयू फ्रेशर

दो साल पहले एक सड़क दुर्घटना के समय मेरी नाक पर चोट आई थी, जो देखने में अच्छी नहीं लगती थी, डीयू के दयाल सिंह कॉलेज में प्रवेश मिला तो सोचा कि चोट के निशान से खूबसूरती बिगड़ रही है। राइनोप्लास्टी से सुधारा गया, सजर्री में 20 हजार खर्च आया।
राजीव मेहता, बीए प्रोग्राम, डीयू फ्रेशर

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