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10 दिसंबर, 2019|10:50|IST

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दिल्ली गैंगरेपः दिल्ली पुलिस की ओर से अंतिम दलीलें पूरी

दिल्ली गैंगरेपः दिल्ली पुलिस की ओर से अंतिम दलीलें पूरी

दिल्ली पुलिस ने 16 दिसंबर सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले में चार वयस्क आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे मुकदमे में अपनी अंतिम दलीलें पूरी कीं। उसने कहा कि उसके पास आरोपियों को दोषी साबित करने के लिए पूरे साक्ष्य हैं। आरोपियों के वकील कल से अंतिम दलील देंगे।
 
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश खन्ना के समक्ष दिल्ली पुलिस की तरफ से हाजिर विशेष लोक अभियोजक दायन कृष्णन ने कहा कि आरोपी की ओर से पेश किये गये सबूत गढ़े हुए थे और उन्हें मुकदमे के दौरान ही पेश किया गया।

कृष्णन ने कहा कि मैंने अभियोजन के लिए पूरा और व्यापक मामला रखा है। मैंने बस रूट और वाहन में आरोपियों (उनमें से एक किशोर) की मौजूदगी को साबित किया है। उसका इलेक्ट्रॉनिक और मेडिकल साक्ष्य से समर्थन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह भी साबित है कि आरोपी ने पीड़िता से बलात्कार किया। यह डीएनए रिपोर्ट और उनके कपड़ों पर रक्त के धब्बों से स्थापित होता है, जो पीड़ितों (लड़की और उसके पुरुष मित्र) से मेल खाता है।

कृष्णन ने कहा कि पीड़ितों पर हमला करने के लिए इस्तेमाल की गई छड़ों और उसे जिस स्थान पर फेंका गया था उसे भी गवाहों से साबित किया गया। आरोपियों को अपराध का दोषी साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।

अभियोजन पक्ष के अनुसार राम सिंह, विनय शर्मा, अक्षय ठाकुर, पवन गुप्ता, मुकेश और एक किशोर ने 23 वर्षीय लड़की से चलती बस में बलात्कार किया और उस पर तथा उसके पुरुष मित्र पर हमला भी किया था। घटना में पीड़िता के मित्र की हडि्डयां टूट गई थीं। पीड़िता की सिंगापुर के अस्पताल में इलाज के दौरान गत 29 दिसंबर को मौत हो गई थी।

मुकदमे के दौरान राम सिंह गत 11 मार्च को तिहाड़ जेल में मत पाया गया था और उसके खिलाफ मुकदमे को समाप्त कर दिया गया था। छठा आरोपी किशोर है और उसके खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड में मुकदमा चल रहा है। उसे एक बढ़ई को लूटने के मामले में जेजेबी दोषी ठहरा चुका है। सामूहिक बलात्कार मामले में उसके खिलाफ फैसला 31 अगस्त को सुनाए जाने की संभावना है।

कृष्णन ने 22 अगस्त को अंतिम दलीलें देनी शुरू की थी। उन्होंने आज कहा कि प्रत्येक आरोपी की तरफ से पेश सबूत अस्पष्ट था। उन्होंने दलील दी कि मुकेश ने खुद माना था कि वह बस चला रहा था लेकिन उसने कुछ नहीं किया और वह नहीं जानता कि वाहन में पीछे के हिस्से में अन्य आरोपियों ने पीड़िता के साथ क्या किया।

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