DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हेपेटाइटिस-सी की स्क्रीनिंग करने वाला पहला शहर बना दिल्ली

साइलेंट किलर के नाम से बोली जा रही बीमारी हेपेटाइटिस सी की स्क्रीनिंग शुरू करने के मामले में दिल्ली रविवार को देश का पहला शहर बन गया।

दिल्ली सरकार की पहल पर इंस्टीटयूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (आईएलबीएस) में हेपेटाइसिट सी की स्क्रीनिंग की जा रही है ताकि इस खतरनाक वायरस के प्रकोप को रोका जा सके जो संक्रमण के 15 से 20 साल बाद सिरोसिस और यकृत कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का रूप धारण कर लेता है।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ए के वालिया ने आज कहा कि हेपेटाइटिस सी के संक्रमण के खतरे को कम करने के लिहाज से खून की न्यूक्लियक एसिड जांच (एनएटी) एहतियातन कदमों के तौर पर शहर के अस्पतालों में जल्दी शुरू की जाएगी।

आईएलबीएस में आज 14वें विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए वालिया ने कहा कि चूंकि इस जानलेवा बीमारी का मुकाबला करने के लिए कोई टीका नहीं है इसलिए हमारे पास केवल रोकथाम एक तरीका है। हमने स्क्रीनिंग और एनएटी जांच के अलावा ऐसे लोगों को ढाई लाख रुपये मदद के तौर पर देने का फैसला किया है जिनकी आय एक लाख रुपये से कम है और जिन्हें यकृत प्रतिरोपण की सजर्री करानी होगी।

आईएलबीएस के निदेशक डॉ. एस के सरीन ने कहा कि यह वायरस अपना असर दिखाने में 20 साल लेता है। रक्त में हेपेटाइटिस सी की मौजूदगी के लिए जांच 1997 में शुरू हुई थी। इसलिए हम उन लोगों को हेपेटाइटिस सी वायरस की स्क्रीनिंग करने की सलाह भी देते हैं जिन्होंने 1997 से पहले किसी असुरक्षित तरीके से खून चढ़वाया है।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों में हेपेटाइटिस सी का पता चलता है उनमें अधिकतर वे हैं जिन्होंने पहले कभी सजर्री कराई है या खून चढ़वाया है या बार-बार इंजेक्शन लिये हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:हेपेटाइटिस-सी की स्क्रीनिंग करने वाला पहला शहर बना दिल्ली