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जीत का सिलसिला बरकरार रखने उतरेगें डेयरडेविल्स

अपने घरेलू मैदान पर डेक्कन चार्जर्स से जीत दर्ज करने के बाद लीग की शीर्ष टीम दिल्ली डेयरडेविल्स का मुकाबला जब पुणे वॉरियर्स से होगा तो एक बार फिर उसका इरादा अपने घर में विजई अभियान को आगे ले जाने का होगा।
 
चेन्नई सुपर किंग्स के कड़ा संघर्ष करने के बाद मैच गंवा चुकी पुणे के लिए यह काफी बड़ा झटका था। लेकिन पुणे के लिए चेन्नई के मैदान में चेन्नई से हारने के बाद दिल्ली के मैदान में दिल्ली को हराना एक बड़ी चुनौती साबित होगा।
 
दिल्ली डेयरडेविल्स लीग में इस वक्त शीर्ष पर बैठे हैं और उनकी दबंगई पिछले मुकाबलों में हम सब देख चुके हैं। ऐसे में पिछला मैच हार चुकी पुणे को हराना उसके लिए काफी हद तक चुनौती भरा नहीं हो सकता है। हालांकि दादा की टीम ने भी आईपीएल पांच में अपना पूरा दम खम दिखाया है।
 
दिल्ली ने लीग में अब तक पांच मैच खेले हैं और इससे उसके आठ अंक है। इसके अलावा पुणे ने छह मैचों में से तीन में जीत दर्ज कर इतने ही मैच गंवाए हैं और वह फिलहाल चेन्नई से एक पायदान ऊपर छह अंकों के साथ चौथे स्थान पर है।
 
दिल्ली ने अपना पिछला मैच डेक्कन से पांच विकेट से जीता था जिसमें केविन पीटरसन की धुआंधार 103 रन की पारी शायद किसी के लिए भी भुलाना आसान नहीं है। ऐसे में दिल्ली इस मैच के जरिए अपने इरादे जता चुका है। टीम इस वक्त कप्तान वीरेंद्र सहवाग के नेतृत्व में काफी संतुलित दिखाई दे रही है और उसके लगभग सभी खिलाड़ी फॉर्म में भी हैं।
 
डेयरडेविल्स की मजबूती उसके बल्लेबाजों में हैं। केविन पीटरसन के आने से टीम को खासा फायदा हुआ है। पीटरसन के अलावा श्रीलंका के माहेला जयवर्धने, नमन ओझा, खुद कप्तान वीरेंद्र सहवाग ऐसे बल्लेबाज हैं जो टीम के स्कोर को काफी आगे तक ले जा सकते है जो विपक्षियों के लिए पार पाना टेढ़ी खीर साबित हो सकता है।
 
इसके अलावा दिल्ली की गेंदबाजी भी काफी शक्तिशाली है। मोर्न मोर्कल और शाहबाज नदीम के रूप में दिल्ली के पास ऐसे गेंदबाज है जो बल्लेंबाजों की विकेट को उखाड़ने में वक्त नहीं गंवाते। साथ ही इरफान पठान, उमेश यादव, अजित आगरकर भी बढ़िया गेंदबाजी कर विपक्षी बल्लेबाजों की रन गति को थामने में सक्षम हैं। 
 
दूसरी ओर पुणे वॉरियर्स फिलहाल बहुत मजबूत स्थिति में नहीं है। पुणे ने गुरूवार को चेन्नई में 13 रन से मैच गंवा दिया था। ऐसे में टीम के लिए आगे मैच जीतकर अपनी स्थिति में सुधार लाना और अंक बटोरना भी एक बड़ी चुनौती होगी।
 
टीम के बल्लेबाजी क्रम की बात की जाए तो टीम में बड़े लक्ष्य का पीछा करने का दम है और यह बात पिछले मैच में साबित भी हुई है। पूरे 20 ओवर तक चले मैच में पुणे ने चेन्नई के 165 रनों का पीछा करने के लिए हर संभव प्रयास किया था लेकिन आखिरी ओवरों में रन नहीं बना पाने के कारण वह महज 13 रनों से मैच गंवा बैठे।
 
पुणे के कप्तान सौरभ गांगुली से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है लेकिन फिलहाल वह अपने पुराने जोश में दिखाई नहीं दे रहे है। हालांकि उम्मीद पर दुनिया कायम है और हो सकता है कि दिल्ली के खिलाफ दादा अपने प्रदर्शन से कुछ खास कमाल दिखाएं। इसके अलावा शीर्ष क्रम के बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा, जेसी राइडर और मनीष पांडे दमदार स्कोर से दिल्ली के लिए मुश्किलें पैदा कर सकते हैं।
 
दूसरी ओर गेंदबाजी में मुरली कार्तिक, आशीष नेहरा, मालरेन सैम्युल्स और राहुल शर्मा विपक्षियों की विकेट उखाड़ सकते है। ऐसे में पुणे को इस वक्त बहुत दमदार न सही लेकिन मजबूत इरादों वाली टीम कहा जा सकता है जो जीतने के लिए अंत तक संघर्ष करती है।

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