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चीनी अधिकारी मुझे दैत्य समझते हैं: दलाई लामा

तिब्बतियों के अध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने कहा कि कुछ चीनी अधिकारी उन्हें 'दैत्य' समझते हैं और इसलिए, भारत जब भी उन्हें अपने विचार रखने का मंच मुहैया कराता है तो वे आपत्ति जताते हैं।

दलाई लामा का यह बयान चीन द्वारा यहां मदर टेरेसा की जन्मशती समारोह में उनके भाग लेने पर आपत्ति उठाने के बाद आया है। बताया जाता है कि चीनी वाणिज्य दूतावास ने पश्चिम बंगाल सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि इस सम्मेलन में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल एम. के. नारायणन भाग न लें।

नारायण ने हालांकि इसकी परवाह न करते हुए दलाई लामा के साथ मंच साझा किया। वहीं, ममता समारोह में नहीं पहुंच सकीं। तृणमूल कांग्रेस के सांसद देरेक ओ'ब्रीन ने बताया कि मां की तबीयत खराब होने की वजह से ममता कार्यक्रम में नहीं पहुंचीं।

जब नारायणन से चीन के पत्र के बारे में पूछा गया तो उन्होंने केवल इतना कहा, ''आप मुझसे क्या उम्मीद करते हैं? यदि उन्होंने लिखा तो लिखा।''

वहीं, दलाई लामा ने कहा कि यह चीनी दृष्टिकोण से तर्कसंगत है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा, ''कुछ चीनी अधिकारी मुझे दैत्य समझते हैं। वे हमेशा आपत्ति उठाते हैं। मैंने पहले भी इसका सामना किया है।''

तिब्बतियों के आध्यात्मिक गुरु ने हालांकि अपने कोलकाता दौरे के राजनीतिकरण का विरोध किया और कहा कि वह अब तिब्बत की निर्वासित सरकार के प्रमुख नहीं हैं।

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