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साइकिल चुनाव चिह्न को लेकर सपा और पैंथर्स आमने सामने

दिल्ली नगर निगम चुनाव में (साइकिल) चुनाव चिह्न को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) एवं जम्मू कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के बीच रस्साकशी तेज हो गई है।

 सपा ने सशक्त पार्टी होने के नाते इस चिन्ह पर दावा पेश किया है जबकि पैंथर्स पार्टी ने (पहले आओ पहले पाओ) की नीति पर अपना दावा किया। हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग ने इस मसले का समाधान लाटरी के जरिए करने का निर्णय लिया है।
 
पैंथर्स पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कल इस मुद्दे पर आईटीओ से राज्य निर्वाचन कार्यालय तक रैली निकाली और लाटरी के जरिए इस समस्या का समाधान करने की घोषणा पर आपत्ति जताई जबकि सपा ने कहा है कि उनकी पार्टी की लोकसभा में 22 और राज्यसभा में चार सीटें तथा देश के सबसे बडे़ राज्य उत्तरप्रदेश में सरकार है। उनका यह भी दावा है कि सपा देश भर में चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेती है इस लिए साइकिल चुनाव चिह्न पर पहला दावा उनका है।
 
पैंथर्स पार्टी के अध्यक्ष प्रो. भीम सिंह ने कहा कि दिल्ली निर्वाचन आयोग से उन्होंने साइकिल चुनाव चिह्न सुरक्षित रखने का पहले ही अनुरोध किया था। इसलिए इस चिह्न पर पहला अधिकार पैंथर्स पार्टी का बनता है। उन्होंने कहा कि लाटरी के जरिए इस समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता क्योंकि लोकतंत्र में यह व्यवाहरिक नहीं है।

सपा की प्रदेश अध्यक्ष उषा यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय जनाधार है। लोकसभा एवं राज्यसभा में इनका व्यापक प्रतिनिधित्व है तथा देश के सबसे बडे राज्य उत्तर प्रदेश में अखिलेश सिंह यादव की अगुवाई सरकार का गठन हुआ है। सपा पिछले दो दशक से अधिक समय से राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि साइकिल चुनाव चिह्न के मसले पर उन्हें राज्य निर्वाचन आयोग का निर्णय स्वीकार्य होगा तथा उनकी पार्टी दिल्ली नगर निगम की सभी 272 सीटों पर प्रत्याशी खडें करेगी। उन्होंने दावा किया कि राजधानी में सपा की आंधी चल रही है और इस चुनाव में पार्टी का बेहतर प्रदर्शन रहेगा।

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