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कास्टिंग डायरेक्टर देते हैं सही जानकारी

फिल्म इंडस्ट्री में किसी कलाकार को बुलंदी तक पहुंचाने में कास्टिंग डायरेक्टर की अहम भूमिका होती है। कास्टिंग डायरेक्टर अभिनेताओं और अभिनेत्रियों के लिए रिसोर्स मैनजर का काम भी करते हैं। वे थियेटर, एड फिल्म (विज्ञापन फिल्म) और कमर्शियल फिल्मों में काम करते हैं। फिल्म प्रोजेक्ट के कलाकारों और कास्टिंग टीम के सदस्यों से उनका रोज-रोज का वास्ता होता है। होनहार और क्षमतावान कलाकारों के चयन में एक कास्टिंग डायरेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वे उनका ऑडिशन लेते हैं और किरदार के अनुरूप पाये जाने पर योग्य अभिनेता व अभिनेत्रियों का चयन करते हैं। भूमिका के अनुसार योग्य कलाकारों के चयन में कास्टिंग डायरेक्टर व मैनेजर का निर्णय अंतिम होता है।

कास्टिंग का काम फिल्म डायरेक्टर बनने का पहला सोपान है। कास्टिंग में महारत हासिल करने पर वे फिल्म प्रोडक्शन की बारीकियों से परिचित हो जाते हैं और आगे की राह आसान हो जाती है। कास्टिंग डायरेक्टर की दिनचर्या काफी व्यस्त होती है। उन्हें ‘राउंड द क्लॉक’ काम करना पड़ता है।

दिनचर्या

सुबह 9.00 बजे आंख खुलने के साथ ही कास्टिंग डायरेक्टर के व्यस्त कार्यक्रम की शुरुआत हो जाती है। सबसे पहले वे अपने असिस्टेंट को कॉल करते हैं और दिन भर की योजनाएं तय करते हैं, वैसे यह योजना पहले से ही तैयार रहती है। 
10.00 बजे ऑडिशन स्थल पर पहुंच जाते हैं और असिस्टेंट द्वारा तैयार स्क्रिप्ट की जांच करते हैं। 
11.30 बजे बेसिक ऑडिशन राउंड आरंभ होता है। ऑडिशन के दौरान कास्टिंग डायरेक्टर कलाकारों की आवाज व अंदाज का निरीक्षण करते हैं और फिर नोट तैयार करते हैं। 
दोपहर 12.30 पर बिना किसी ब्रेक के ऑडिशन में हाजिर रहते हैं। अगर कोई अभिनेता ऑडिशन के दूसरे दौर में शामिल होने का वादा करता है तो वे उसे शामिल करते हैं।
2.00 बजे लंच होता है।
3.00 बजे ऑडिशन फिर से शुरू हो जाता है। 
शाम 7.00 बजे डीवीडी में स्टूडियो को टेप भेजना होता है। इसके बाद दूसरे दिन बुलाये जाने वाले अभिनेताओं का चयन करना होता है।
रात  8.30 बजे स्टूडियो में वे ऑडिशन डिस्क की जांच करते हैं और फिर नोट तैयार करते हैं।
रात 11.00 बजे दोस्तों की पार्टी में शरीक होना भी इनकी दिनचर्या में शामिल है।

कास्टिंग डायरेक्टर की कमाई
एक कास्टिंग डायरेक्टर का वेतन काफी आकर्षक है। फ्रेशर भी अमूमन दो से तीन लाख रुपये कमा लेते हैं। इनकी कमाई इस बात पर निर्भर करती है कि वे महीने में कितने व्यावसायिक व एड फिल्में करते हैं। एक एसोसिएट कास्टिंग डायरेक्टर भी महीने में एक लाख रुपए से ज्यादा ही कमा लेता है, वहीं असिस्टेंट कास्टिंग डायरेक्टर का पारिश्रमिक अमूमन एक लाख से 25 हजार रुपए के बीच होता है। जूनियर असिस्टेंट/ असिस्टेंट प्रति माह 15 से 25 हजार रुपए कमा लेता है।

कास्टिंग मैनेजर मशहूर अभिनेताओं के खातों का प्रबंधन कार्य भी संभालता है। इसमें अभिनेताओं की फीस के हिसाब से उनकी हिस्सेदारी बनती है। आमतौर पर एक प्रोजेक्ट के लिए कोई अभिनेता जितना चार्ज करता है, उसका 5 से 10 फीसदी एक कास्टिंग मैनेजर के खाते में जाता है। लिहाजा यह काफी आकर्षक करियर है।

कास्टिंग के क्षेत्र में कैसे बनाएं करियर
12वीं करने के बाद आप कास्टिंग डायरेक्टर मैनेजर के रूप में काम शुरू कर सकते हैं। हालांकि उच्च शिक्षा को जारी रखना आपके लिए लाभकारी साबित होगा। कास्टिंग मैनेजर बनने के लिए किसी औपचारिक ट्रेनिंग की जरूरत नहीं होती है। कोई भी व्यक्ति, जिसे थियेटर में गहरी अभिरुचि हो वो इस क्षेत्र में संभावनाएं तलाश सकता है, बशर्ते उसमें सीखने की ललक हो। अभिनेताओं व अभिनेत्रियों की तरह कास्टिंग मैनेजर को भी कठिन परिश्रम करना पड़ता है। थियेटर व सेलिब्रेटी मैनेजमेंट में शामिल होकर बहुत कुछ सीखा जा सकता है। कुछ सेलिब्रेटी से व्यक्तिगत परिचय बनाकर आप काम शुरू कर सकते हैं। कास्टिंग डायरेक्टर के साथ बतौर एसोसिएट और असिस्टेंट काम करके भी इस क्षेत्र में करियर की शुरुआत की जा सकती है।

संस्थान
कास्टिंग मैनेजर के लिए न तो कोई औपचारिक पाठय़क्रम है और न ही कोई संस्थान। काम करके इसे सीखा जा सकता है। सबसे अच्छी शुरुआत कास्टिंग मैनेजर अथवा सेलिब्रेटी मैनेजर के साथ काम करके हो सकती है। इससे फिल्म जगत में नेटवर्क बनाने का मौका आसानी से मिल जाता है।

पक्ष-विपक्ष

इस पेशे में आप नेम एंड फेम दोनों हासिल कर सकते हैं।
आप ऐसी इंडस्ट्री में काम करने का मौका पाते हैं, जहां आकर्षण के साथ मांग भी काफी ज्यादा है।
आपको 20-20 घंटे तक काम करना पड़ सकता है।

कास्टिंग डायरेक्टर की विशेषताएं 

मेधावी हो
बेहतर याददाश्त हो
सिनेमा, साहित्य, थियेटर में गहरी अभिरुचि हो
स्क्रिप्ट को बेहतर बनाने के हुनर में पारंगत हो
मिलनसार, बातचीत में होशियार और धैर्यवान हो। 
अभिव्यक्ति क्षमता और अंतरवैयक्तिक कौशल (इंटरपर्सनल स्किल) में माहिर हो
फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों का करियर संवारने में खुलकर दिलचस्पी लेता हो
नेगोसिएशन स्किल स्मार्ट व स्ट्रॉन्ग होनी चाहिए
अभिनेताओं की क्षमताओं और कमजोरियों का भान होना चाहिए

एक कास्टिंग डायरेक्टर की कमाई इस बात पर निर्भर करती है कि वह महीने में कितने कमर्शियल्स व एड फिल्में करता है। एक एसोसिएट कास्टिंग डायरेक्टर भी महीने में एक लाख रुपए से ज्यादा ही कमा लेता है। कास्टिंग मैनेजर मशहूर अभिनेताओं के खातों का प्रबंधन कार्य भी संभालता है।

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