कालाधन पर अध्ययन करा रही है सरकारः प्रणब - कालाधन पर अध्ययन करा रही है सरकारः प्रणब DA Image
19 नबम्बर, 2019|12:46|IST

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कालाधन पर अध्ययन करा रही है सरकारः प्रणब

सरकार ने बताया कि देश के बाहर और भीतर बेहिसाब धन और आय से अधिक सम्पत्ति का अनुमान लगाने और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके पड़ने वाले प्रभाव के आकलन के लिए एक अध्ययन शुरू किया गया है। इस विषय पर रिपोर्ट सितंबर 2012 तक प्राप्त होगी।

सरकार ने बताया कि पिछले दो वर्षों में अंतरण मूल्य निर्धारण निदेशालय ने 66,085 करोड़ रुपये की गलत जानकारी देने का पता लगाया है तथा अंतरराष्ट्रीय कराधान कार्यालय ने सीमापारीय लेनदेन से 33,784 करोड़ रुपये एकत्र किये हैं।

लोकसभा में शैलेन्द्र कुमार और पीसी गद्दीगौदर के प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि सरकार ने वित्त संबंधी स्थायी समिति की सिफारिशों के आधार पर देश के बाहर और भीतर बेहिसाब धन और आय से अधिक सम्पत्ति का अनुमान लगाने और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके पड़ने वाले प्रभाव के लिए एक अध्ययन शुरू किया है।

उन्होंने कहा कि यह अध्ययन तीन सरकारी संस्थाओं राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान (एनआईपीएफपी), राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एनआईएफएम) और राष्ट्रीय अनु प्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (एनसीएईआर) द्वारा अलग-अलग किया जायेगा।

प्रणब ने कहा कि इन संस्थाओं को अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए सितंबर 2012 तक का समय दिया गया है।  वित्त मंत्री ने बताया कि फ्रांस और स्विटजरलैण्ड सहित कुछ देशों ने दोहरे कराधान निषेध संधि (डीटीएए) और सूचना विनिमय करार (टीआईईए) के तहत विशिष्ट मामलों में भारत के साथ बैंकिंग सूचनाएं साझा करने की इच्छा जतायी है। भारत ने इन देशों से कर संबंधी सूचनाएं प्राप्त भी की हैं।

प्रणब ने कहा कि भारत सरकार का 81 देशों के साथ दोहरे कराधान निषेध संबंधी करार है, जिसमें से दोहरे कराधान निषेध संबंधी 75 करार में बैंकिंग सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए विशिष्ट पैराग्राफ नहीं है।

उन्होंने कहा कि इन सभी 75 करारों को फिर से वार्ता के संदर्भ में लिया गया और 22 मामलों में पुनर्वार्ता की प्रक्रिया पूरी हो गई।  वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने विदेश में देश का अवैध रूप से जमा धन वापस लाने के लिए व्यापक पांच सूत्री रणनीति तैयार की है। इनमें कालेधन के विरूद्ध विश्वव्यापी संघर्ष में शामिल होना, एक उपयुक्त विधायी रूपरेखा तैयार करना, अवैध निधियों के निपटारे के लिए संस्थाएं गठित करना, कार्यान्वयन के लिए प्रणाली विकसित करना और प्रभावी कार्रवाई के लिए मानव संसाधन कौशल को उन्नत बनाना शामिल है।

प्रणब ने कहा कि इस प्रयासों के परिणामस्वरूप विदेश से भारी संख्या में कर से संबंधित सूचना आना शुरू हो गयी है। ऐसी सूचनाओं के सत्यापन के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाती है। 

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