DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बैसाखी पर 3,000 सिख पहुंचेंगे पाकिस्तान

बैसाखी का त्योहार मनाने के लिए करीब 3,000 भारतीय सिख पाकिस्तान में ननकाना साहिब पहुंचेंगे। ननकाना साहिब गुरुनानक की जन्मस्थली है। सिख श्रद्धालु 10 अप्रैल को वाघा सीमा से तीन विशेष रेलगाड़ियों के जरिए पाकिस्तान पहुंचेंगे।

गुरुनानक का जन्म बैसाखी के दिन 15 अप्रैल, 1469 को ननकाना साहिब में हुआ था। ननकाना शहर पंजाब प्रांत के ननकाना साहिब जिले का हिस्सा है।

गुरुद्वारा पांजा साहिब में भी तीन दिन तक बैसाखी का त्योहार मनाया जाएगा। यह गुरुद्वारा रावलपिंडी से 50 किलोमीटर दूर हसन अबदल में स्थित है और सिखों के पवित्र स्थलों में से एक है। गुरुद्वारे में एक चट्टान है और ऐसा माना जाता है कि उस पर गुरुनानक के हाथों के निशान हैं।

श्रद्धालु गुरुद्वारा साहिब साचा सौदा भी पहुंचेंगे, जो शेखपुरा जिले के चुहारकाना में स्थित है। इस स्थान पर गुरुनानक ने अपने पिता के दिए 20 रुपयों से सन्यासियों के एक समूह को भोजन कराया था।

अंत में सिख धर्म के अनुयायी अमीनाबाद स्थित गुरुद्वारा रोरी साहिब भी जाएंगे। जब 1951 में मुगल बादशाह बाबर की सेनाओं ने पंजाब में प्रवेश किया था तब गुरुनानक इसी शहर में मौजूद थे। उस वक्त कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और उनमें गुरुनानक भी शामिल थे।

गिरफ्तारी के समय गुरुनानक पत्थरों पर बैठे हुए थे और प्रार्थना में व्यस्त थे।

 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बैसाखी पर 3,000 सिख पहुंचेंगे पाकिस्तान