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ऑस्ट्रेलिया की जीत की दुआ करेगा भारत

ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका की टीमें त्रिकोणीय सीरीज के अंतिम लीग मैच में शुक्रवार को जब यहां मेलबोर्न क्रिकेट मैदान में आमने सामने होंगी तो करोडों भारतवासी पड़ोसी देश के बजाए कंगारूओं की जीत की दुआ करेंगे क्योंकि इसी से टीम इंडिया के फाइनल में जाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
 
ऑस्ट्रेलिया सात मैचों में 19 अंकों के साथ पहले ही फाइनल का टिकट कटा चुका है जबकि खिताबी मुकाबले में पहुंचने वाली दूसरी टीम का फैसला इस मैच से तय होगा। भारत के आठ मैचों से 15 अंक हैं जबकि श्रीलंका के सात मैचों से 15 अंक हैं। अगर श्रीलंका ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम लीग मैच हार जाता है तो भारत को फाइनल में जगह मिल जाएगी।
 
श्रीलंकाई टीम अगर हार जाती है तो उसके भारत के बराबर ही 15 अंक रह जाएंगे। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ दो मैच जीते हैं और एक ड्रॉ खेला है जबकि श्रीलंका ने भारत के खिलाफ एक मैच जीता है और ड्रॉ खेला है। ऐसे में भारत को ज्यादा जीत दर्ज करने का फायदा मिलेगा और उसे फाइनल का टिकट हासिल हो जाएगा।
 
ऐसी स्थिति में श्रीलंका के लिए यह 'करो या मरो' का मैच होगा। श्रीलंका ने होबार्ट में खेले गए पिछले मैच में चार विकेट पर 320 रन का मजबूत लक्ष्य बनाया था जिसे भारत ने 36.4 ओवर में पार करते हुए बोनस अंक के साथ जीत दर्ज की थी। श्रीलंका को अगर फाइनल में जगह बनानी है तो खासकर उसके गेंदबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा।

श्रीलंका ने लगातार दो मैचों में ऑस्ट्रेलिया को शिकस्त दी है और अब उसकी कोशिश कंगारूओं के खिलाफ जीत की हैट्रिक बनाने की होगी। ओपनर तिलकरत्ने दिलशान, कुमार संगकारा, माहेला जयवर्धने, एंजेलो मैथ्यूज और दिनेश चांडीमल जबर्दस्त फॉर्म में हैं और किसी भी गेंदबाजी क्रम की धज्जियां उड़ा सकते हैं। दिलशान ने पिछले मैच में भारत के खिलाफ नाबाद 160 रन की पारी खेली थी जबकि संगकारा ने 105 रन बनाए थे।

लेकिन गेंदबाजों ने अपने बल्लेबाजों की मेहनत पर पारी फेरते हुए भारत को जीत का मौका दे दिया था। खासकर टीम के सबसे अचूक अस्त्र माने जाने वाले लसित मलिंगा की विराट कोहली ने जिस तरह धुलाई की थी उसे वह लंबे समय तक याद रखेंगे। मलिंगा के अलावा नुवान कुलशेखरा, फरवेज महारूफ, तिषारा परेरा, रंगना हेरात और मैथ्यूज पर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी को फ्यूज करने की जिम्मेदारी रहेगी।
 
जहां तक ऑस्ट्रेलिया का सवाल है तो उसके लिए यह मैच फाइनल के लिए अपनी तैयारियों को परखने का मौका होगा। पीठ और हेमस्ट्रिंग की चोटों से जूझ रहे नियमित कप्तान माइकल क्लार्क का श्रीलंका के खिलाफ खेलना भी संदिग्ध है। क्लार्क भारत के खिलाफ भी नहीं खेले थे। शेन वॉटसन की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने यह मैच 87 रन से जीता था।
 
ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ हालांकि नौ विकेट पर 252 रन का मामूली स्कोर बनाया था लेकिन उसके गेंदबाजों ने भारतीय टीम को 165 रन पर ही लुढ़का दिया था। लंबे समय बाद टीम में लौटे वॉटसन बल्लेबाजी में हालांकि सफल नहीं रहे लेकिन गेंदबाजी में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और पांच ओवर में मात्र नौ रन देकर भारत के दो अहम विकेट झटके।
 
डेविड वॉर्नर, डेविड हस्सी और मैथ्यू वेड ने भारत के खिलाफ अर्धशतकीय पारियां खेली थी लेकिन वॉटसन, पीटर फॉरेस्ट और माइक हस्सी नाकाम रहे थे। ऑस्ट्रेलिया को अगर जीत का क्रम जारी रखना है उसके बल्लेबाजों को श्रीलंका के खिलाफ ढ़ेरों रन बनाने होंगे।
 
इस समय ऑस्ट्रेलियाई टीम की सबसे बड़ी ताकत उसकी गेंदबाजी है। ब्रेट ली, बेन हिल्फेनहॉस और क्लाएंट मैक्के की पेस बैट्री किसी भी बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस करने में सक्षम है। इसके अलावा क्रिस्टियन और वॉटसन तथा स्पिनर जेवियर डोहर्टी पर श्रीलंकाई बल्लेबाजों खासकर दिलशान और संगकारा पर नकेल कसने की जिम्मेदारी होगा।

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