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भारतीय शीर्ष क्रम को खूब रास आती हैं ऑस्ट्रेलियाई पिचें

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले भारतीयों की तेज और उछाल वाली पिचों पर खेलने की कमजोरी को लेकर पूर्व क्रिकेटर और विशेषज्ञ भले ही सवाल उठा रहे हों लेकिन आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि भारत के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों का ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर शानदार प्रदर्शन रहा है।

वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण भारतीय शीर्ष क्रम के चार मुख्य स्तंभ हैं और इन चारों का ही ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर शानदार रिकॉर्ड रहा है। ये चारों ही 26 दिसंबर से मेलबर्न में शुरू होने वाली चार टेस्ट मैचों की सीरीज में अपने इस रिकॉर्ड को और बेहतर करने की कोशिश करेंगे।

तेंदुलकर और लक्ष्मण दो ऐसे भारतीय बल्लेबाज हैं जो ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर 1000 से अधिक रन बना चुके हैं जबकि द्रविड़ को इस मुकाम पर पहुंचने के लिए केवल 51 रन की दरकार है। सहवाग भी 250 रन बनाते ही ऑस्ट्रेलियाई धरती पर 1000 रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो जाएंगे।

ऑस्ट्रेलियाई धरती पर तेंदुलकर ने अब तक 16 टेस्ट मैच की 30 पारियों में 58.53 की औसत से 1522 रन बना चुके हैं जिसमें छह शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं। ऑस्ट्रेलियाई के खिलाफ हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले लक्ष्मण ने अपने इस प्रिय प्रतिद्वंद्वी के घर में 11 टेस्ट मैच की 21 पारियों में 54.05 की औसत तथा चार शतक और तीन अर्धशतक की मदद से 1081 रन बनाए हैं।

द्रविड़ ने भी ऑस्ट्रेलिया में अब तक 11 टेस्ट मैच खेले हैं जिनकी 22 पारियों में उन्होंने 52.72 की औसत से 949 रन जबकि सहवाग ने छह मैच की 12 पारियों में 62.50 की औसत से 750 रन बनाए हैं। द्रविड़ अभी तक ऑस्ट्रेलिया में केवल एक शतक लगा पाये हैं जबकि सहवाग के नाम पर दो शतक दर्ज हैं।

भारत ने अब तक ऑस्ट्रेलिया में पांच मैच जीते हैं जिनमें से दो मैच में उसने तेंदुलकर, द्रविड़ और लक्ष्मण की मौजूदगी में जीत दर्ज की है। इन दो मैचों में द्रविड़ ने 133.66 की औसत से 401 जबकि लक्ष्मण ने 71.50 की औसत से 286 रन बनाए हैं। तेंदुलकर हालांकि इन दोनों मैच में 30.50 की औसत से 122 रन ही बना पाये हैं जिनमें कोई शतक दर्ज नहीं है।

भारत आगामी सीरीज में जिन मैदानों पर खेलेगा यदि उनकी बात की जाए तो मेलबर्न तेंदुलकर ही नहीं सहवाग का भी पसंदीदा मैदान है। तेंदुलकर ने एमसीजी पर चार मैच में 344 रन जबकि सहवाग ने एक मैच में 206 रन बनाए हैं। इनमें 195 रन की एक पारी भी शामिल है। द्रविड़ और लक्ष्मण अभी तक इस मैदान पर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाये हैं।

तेंदुलकर और लक्ष्मण को तो सिडनी क्रिकेट ग्राउंड का बादशाह कहा जा सकता है। इस मैदान पर तेंदुलकर ने चार मैच में तीन शतकों की मदद से 664 रन बनाए हैं। उन्होंने नाबाद 241 रन की पारी इसी मैदान पर खेली थी। लक्ष्मण ने एससीजी पर लगातार तीन शतक ठोकने का कीर्तिमान बनाया है। इस कलात्मक बल्लेबाज ने एससीजी पर तीन मैच में 481 रन बनाए हैं।

द्रविड़ ने सिडनी में तीन मैच में 249 और सहवाग ने एक मैच में 119 रन बनाए हैं। इन दोनों को ही इस मैदान पर अपने पहले शतक का इंतजार है। भारत सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच पर्थ के वाका मैदान पर खेलेगा जिसकी पिच तेज गेंदबाजों को मदद देती रही है। इस पिच पर तेंदुलकर ने दो मैच में 203 रन बनाए हैं जिसमें 1992 में खेली गई 114 रन की जोरदार पारी भी शामिल है। लक्ष्मण, द्रविड़ और सहवाग ने पर्थ में अब तक एक-एक मैच खेला है जिसमें उन्होंने क्रमश: 106, 96 और 72 रन बनाए हैं। इन तीनों को ही इस मैदान पर शतक का इंतजार है।

एडिलेड में हालांकि तेंदुलकर, द्रविड़, लक्ष्मण और सहवाग चारों ने शतक ठोके हैं। द्रविड़ को एडिलेड ओवल की पिच खासी प्रिय है जहां 24 जनवरी से चौथा टेस्ट मैच खेला जाएगा। द्रविड़ ने इस मैदान पर तीन मैच में 93.75 की औसत से 375 रन बनाए हैं जिसमें 233 रन की एक पारी भी शामिल है। सहवाग ने एडिलेड में दो मैच में 308 रन, तेंदुलकर ने चार मैच में 288 रन और लक्ष्मण ने तीन मैच में 284 रन बनाए हैं।

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