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आसियान सम्मेलन में उठेगा दक्षिण चीन सागर का मुद्दा

उत्तर कोरिया द्वारा रॉकेट का प्रक्षेपण करने की योजना और दक्षिण चीन सागर को लेकर चल रहे विवाद के इस हफ्ते होने वाले दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के वार्षिक राजनयिक शिखर सम्मेलन में छाए रहने की उम्मीद है। वहीं म्यांमा में चुनाव के मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है।
   
आसियान देशों के नेताओं के दो दिवसीय शिखर सम्मेलन की मेजबानी कंबोडिया कर रहा है। यह सम्मेलन कल से शुरू होगा। इस सम्मेलन का लक्ष्य 10 पृथक देशों और 60 करोड़ की आबादी वाले इस समुदाय को 2015 तक यूरोपीय संघ की तरह के समुदाय में तब्दील करना है लेकिन इससे इतर कई अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
   
उत्तर कोरिया समूह का एक सदस्य नहीं है लेकिन आसियान के महासचिव सुरीन पित्सुवान ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कुछ नेता प्योंगयांग के इस महीने लंबी दूरी के रॉकेट को दागने की योजना पर चिंता जता सकते हैं।
   
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि कुछ चिंता जताई जाएगी क्योंकि एशिया और दुनिया में कहीं भी अस्थिरता का हम सब पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सुरीन ने कहा कि संसाधन संपन्न दक्षिण चीन सागर में क्षेत्रीय संघर्ष का मुददा भी निश्चित तौर पर उठेगा।
   
चीन, ताइवान और आसियान सदस्य वियतनाम, फिलीपीन, मलेशिया और ब्रूनेई सब सागर पर अपना-अपना दावा करते हैं। चीन समूचे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है। हाल के महीनों में फिलीपीन और वियतनाम का खासतौर पर चीन के साथ संबंध सही नहीं रहा है। तेल, गैस की खोज और मछली मारने के अधिकार को लेकर कूटनीतिक संघर्ष होता रहा है।
   
आसियान की स्थापना 1967 में शीतयुद्ध युग में साम्यवाद से बचाव के लिए की गई थी।

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  • Web Title:आसियान सम्मेलन में उठेगा दक्षिण चीन सागर का मुद्दा