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'अयोध्या' की सुरक्षा में करोड़ों रुपए खर्च

अयोध्या में छह दिसम्बर 1992 को विवादित ढांचा गिराए जाने के बाद से अब तक विवादित परिसर की सुरक्षा पर ही करोड़ों रुपए खर्च किए जा चुके हैं।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार परिसर की पाइप बैरीकेटिंग और तार लगाने पर ही करीब तीन करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। कैपिंग साइट पर लगभग आठ लाख रुपए. निगरानी टावरों पर 25 लाख से ज्यादा रुपए तथा करोड़ों रुपए खर्च कर परिसर में सुरक्षा सम्बन्धी अन्य निर्माण कराए गए हैं जिनमें प्रमुख रुप से सुरक्षाकर्मियों के लिए बनाए गए बैरक आदि शामिल हैं।

सूत्रों के मुताबिक परिसर में बिजली की आपूर्ति बनाए रखने के लिए करीब चार लाख रुपए की लागत से खरीदे गए जनरेटर की मौजूदगी के बावजूद करीब तीन लाख रुपया प्रतिमाह बिजली के बिल पर खर्च किया जाता है।

सूत्रों ने बताया कि परिसर की सफाई आदि पर ही वर्ष 1992 से अब तक पचास लाख रुपए से ज्यादा खर्च हो जाने का अनुमान है। परिसर में सुरक्षा के लिए बुलेटप्रुफ गाड़ियों पर भी लाखों रुपए खर्च हुए हैं।

परिसर की सुरक्षा के लिए बनी स्थाई समिति की बैठकों पर भी अच्छा खासा व्यय होता है, क्योंकि उस समिति में दिल्ली और लखनऊ से कई वरिष्ठ अधिकारी भाग लेने आते हैं। समिति में खुफिया ब्यूरो (आईबी) के भी अधिकारी शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा विभिन्न मौकों पर अयोध्या की सुरक्षा में किलेबंदी करनी पड़ती है जिस पर लाखों रुपए खर्च होते हैं।

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  • Web Title:'अयोध्या' की सुरक्षा में करोड़ों रुपए खर्च