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फिल्मकारों के लिए मक्का है कांस

फिल्मकार अनुराग कश्यप की आने वाली फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' 65वें कांस फिल्म समारोह में स्क्रीनिंग के लिए नामांकित हुई है।
   
अनुराग कहते हैं कि किसी भी फिल्मकार के लिए कांस फिल्म समारोह मक्का के समान है। लोग सोचते हैं कि यदि कोई फिल्म कांस में जाती है तो वह कोई आर्ट फिल्म होगी लेकिन हमने एक व्यवसायिक फिल्म बनाई है। मुझे यहां पहुंचने में काफी लंबा समय लगा। कांस फिल्म समारोह में मेरी फिल्म का चुना जाना मेरे लिए उपलब्धि है।
   
फिल्म के प्रोमोशन समारोह के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में अनुराग ने कहा कि उदाहरण के लिए यदि उड़ान कांस के लिए नहीं जाती तो मैं मेरे ख्याल से यह भारत में रिलीज नहीं होती...चाहे वह जैसी भी हो, यही फायदेमंद होगा।
   
उन्होंने कहा कि मेरा लक्षित दर्शक कौन है, कहां है और उन्हें क्या देखना पसंद है यह जानना मेरे लिए महत्वपूर्ण है। जैसा कि सभी मुझसे कहते हैं और इस फिल्म को लेकर भी लोगों ने मुझे इसे नहीं बनाने का सुझाव दिया...लेकिन आज मैं इस बात को महसूस करता हूं कि मैं गलत नहीं था।
   
'गैंग्स ऑफ वासेपुर' को कश्यप ने निर्देशित किया है। फिल्म का सेट झारखंड के छोटे से गांव में बनाया गया था। इसमें बदले की कहानी है।
   
कश्यप कहते हैं कि पहली बार मैंने व्यावसायिक फिल्म बनाई है...इस फिल्म का एक बड़ा दर्शक वर्ग है। यह मेरी अब तक की सबसे महंगी फिल्म है। फिल्म में मनोज वाजपेयी, तिग्मांशु धूलिया, हुमा कुरैशी, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, रिमा सेन और अन्य कलाकार हैं।

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