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पाकिस्तानी-अमेरिकी ने आतंकवादी साजिश का जुर्म कबूला

गुआंतानामो बे में बंद पाकिस्तानी मूल के एक अमेरिकी नागरिक ने एक समझौते के तहत खुद पर लगे सभी आरोप कबूल कर लिये हैं। इसके तहत उसे अपने साथी कैदियों के खिलाफ गवाही देनी है।

सैन्य आयोग के न्यायाधीश कर्नल जेम्स पॉल के अनुसार, किसी बड़े मामले में कैदी द्वारा अपना जुर्म कबूल करने का यह पहला मामला है। पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक शौकत खान ने आतंकवादी हमलों की साजिश और उसे अंजाम देने में आतंकवादियों की मदद करने का आरोप स्वीकार कर लिया। इसके लिए उसे 19 वर्ष कैद की सजा हो सकती है।

पॉल ने बुधवार को खान को दोषी ठहराया और कहा कि सजा अगले चार साल में पूरी होने की उम्मीद है। इन वर्षो में उसे अपने साथी कैदियों के खिलाफ गवाही देनी होगी। तभी उसकी 15 साल अतिरिक्त कैद की सजा माफ हो सकेगी।

अमेरिका सेना के अनुसार, खान ने वर्ष 2002 में बाल्टीमोर से कराची की यात्रा की थी। उसकी यात्रा का उद्देश्य अमेरिका में आतंकवादी हमलों की साजिश के लिए अल कायदा की मदद करना था।

सेना का कहना है कि खान ने अमेरिका पर 11 सितम्बर, 2001 के आतंकवादी हमले की साजिश के मुख्य आरोपी खालिद शेख मोहम्मद के साथ मिलकर अमेरिका में भूमिगत टैंक में विस्फोट की साजिश रची थी।

सरकार के अनुसार, खान ने 'शहीद वीडियो' भी रिकॉर्ड किया और अपने शरीर पर विस्फोटक बांधकर एक मस्जिद में पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का इंतजार करने लगा। लेकिन यह योजना विफल हो गई, क्योंकि मुशर्रफ वहां नहीं पहुंचे।

उस पर दक्षिण-पूर्वी एशिया में सक्रिय अलकायदा के जुड़े आतंकवादी संगठन के लिए अलकायदा के कोष में 50,000 डॉलर अनुदान देने का आरोप भी है। उस संगठन ने यह धन अगस्त 2003 में इंडोनेशिया के जकार्ता स्थित जे. डब्ल्यू. मैरियट होटल में हुए बम विस्फोट के लिए जेम्माह इस्लामिया को दिया। इस हमले में 11 लोग मारे गए थे, जबकि करीब 181 घायल हो गए थे।

 

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  • Web Title:पाकिस्तानी-अमेरिकी ने आतंकवादी साजिश का जुर्म कबूला