DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

'भारतीय कंपनियां कर रहीं हैं एच-1बी वीजा का दुरुपयोग'

व्यापक आव्रजन सुधारों पर कांग्रेस में चर्चा के बीच एक शीर्ष अमेरिकी सीनेटरन ने टीसीएस, इन्फोसिस और विप्रो जैसी बड़ी आईटी कंपनियां पर एच-1बी वीजा प्रणाली के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

सीनेट की ताकतवर न्यायिक समिति द्वारा आव्रजन सुधारों पर सोमवार को संसदीय सुनवाई के दौरान सीनेटर रिचर्ड डर्बिन ने कहा कि एच-1बी वीजा के दुरुपयोग के कुछ विशेष मामले सामने आए हैं।

यही नहीं डर्बिन ने तो यहां तक शीर्ष भारतीय आईटी कंपनियों को आउटसोर्सिंग फर्मों का तमगा भी दे डाला। डर्बिन ने आरोप लगाया कि अमेरिकियों को यह जानकर झटका लगेगा कि इन्फोसिस, विप्रो, टाटा और अन्य आउटसोर्सिंग कंपनियों को एच-1बी वीजा मिल रहा है। यह वीजा माइक्रोसाफ्ट के पास नहीं जा रहा।

डर्बिन ने कहा कि ये कंपनियां मुख्य रूप से भारत की हैं, वे ऐसे कर्मचारियों और इंजीनियरों को ढूंढ रही हैं जो तीन साल के लिए अमेरिका में कम वेतन पर काम करने को तैयार है और साथ ही इन्फोसिस या अन्य कंपनियों को शुल्क देने को तैयार हैं।

डर्बिन ने कहा कि ज्यादातर लोगों को यह जानकर झटका लगेगा कि एच-1बी वीजा आप जैसी कंपनियों के पास नहीं जा रहे हैं। ये इन आउटसोर्सिंग कंपनियों की झोली में जा रहे हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:'भारतीय कंपनियां कर रहीं हैं एच-1बी वीजा का दुरुपयोग'