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23 फरवरी, 2020|6:45|IST

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कोटला में हो सकता है रहाणे का लंबा इंतजार खत्म

वेस्टइंडीज की टीम नवंबर 2011 में जब भारतीय दौरे पर आई थी तो चयनकर्ताओं ने घरेलू मैचों की फार्म को देखकर अंजिक्य रहाणे को टीम में चुना। तब से भारत ने 16 टेस्ट मैच खेल लिए हैं और रहाणे भी टीम बने हुए हैं लेकिन उन्हें अंतिम एकादश में जगह बनाने का मौका नहीं मिला। मुंबई के इस बल्लेबाज का यह लंबा इंतजार फिरोजशाह कोटला में समाप्त हो सकता है जहां भारत को कल से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथा और आखिरी टेस्ट मैच खेलना है।

भारत ने हालांकि अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। तेज गेंदबाज इशांत शर्मा से जब पूछा गया कि क्या कोई खिलाड़ी यहां पदार्पण करेगा तो उन्होंने कहा कि ऐसी तो कोई बात नहीं हुई कि किसका पदार्पण होना है। पिछले 16 महीनों से मैदान पर पानी ले जाने की भूमिका निभाने वाले रहाणे ने हालांकि आज बड़ी गंभीरता से अभ्यास किया। उन्होंने लगभग एक घंटा नेट्स पर बिताया तथा तेज और स्पिन गेंदबाजों का डटकर सामना किया। इससे पहले सचिन तेंदुलकर ने भी उन्हें टिप्स दिए। बाद में तेंदुलकर और कोच डंकन फ्लैचर लगभग 15 मिनट तक रहाणे की बल्लेबाजी को गौर से देखते रहे। इस बीच दोनों ने आपस में कुछ बात भी की।

रहाणे ने अपना पिछला मैच ईरानी ट्राफी के रूप में मुंबई की तरफ शेष भारत के खिलाफ खेला था। इस मैच में उन्होंने 83 और 25 रन बनाए थे। उन्होंने अब तक 60 प्रथम श्रेणी मैचों में 62.04 की शानदार औसत से 5460 रन बनाए हैं जिसमें दो शतक शामिल हैं।

इतने अच्छे प्रदर्शन के बावजूद रहाणे सोलह सदस्यीय टीम में तो जगह बना गए लेकिन अंतिम एकादश में नहीं चुने गए। इस बीच उनके देखते देखते रविचंद्रन अश्विन, उमेश यादव, वरुण आरोन, आर विनयकुमार, रविंदर जडेजा, भुवनेश्वर कुमार और शिखर धवन ने पदार्पण कर लिया लेकिन रहाणे देखते ही रहे। अब उनके लिए पदार्पण का सर्वश्रेष्ठ मौका माना जा रहा है। शिखर धवन चोटिल होने के कारण नहीं खेल पाएंगे। उनके स्थान पर किसी एक बल्लेबाज को अंतिम एकादश में रखा जाना है। रहाणे के अलावा सुरेश रैना भी दावेदार हैं लेकिन अभ्यास को देखते हुए लगता है कि रहाणे प्रबल दावेदार हैं।

रैना ने अभ्यास के दौरान पहले तेंदुलकर को गेंदबाजी की और आखिर में बल्ला थामा। रहाणे ने भारत के मुख्य बल्लेबाजों तेंदुलकर, मुरली विजय, चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली की तरफ नेट्स पर समय बिताया। रैना ने अधिक देर तक बल्लेबाजी अभ्यास नहीं किया और जल्द ही उनकी जगह प्रज्ञान ओझा ने अभ्यास शुरू कर दिया।

भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने मोहाली में कहा था कि उनके पुछल्ले बल्लेबाज इस सीरीज में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं इसलिए ओझा ने कप्तान और कोच के आदेश पर कुछ देर तक बल्लेबाजी का अभ्यास किया। भारतीय टीम ने सुबह दस बजे से अभ्यास शुरू किया था तथा लगभग तीन घंटे नेट्स पर बिताए।

 

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