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बिना किसी पूर्व घोषणा के अफगानिस्तान पहुंची मर्केल

अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में एक अमेरिकी सैनिक की ओर से 16 ग्रामीणों को मार डालने की ताजातरीन वारदात के बीच जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल बिना किसी पूर्व घोषणा के सोमवार को काबुल पहुंच गईं।
   
बर्लिन में एक प्रवक्ता ने बताया कि उन्हें उत्तरी अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ में ठहरे सैनिकों से मुलाकात करनी थी। मर्केल की पूर्व घोषित यात्रा से पहले तालिबान ने 16 ग्रामीणों की कल हुई हत्या के लिए बर्बर अमेरिकी सैनिकों से बदला लेने की कसम खाई।  
   
प्रवक्ता ने बताया कि मर्केल कुंदूज जाना चाहती थीं लेकिन भारी बर्फबारी की वजह से उन्हें अपना यह विचार छोड़ना पड़ा। मर्केल ने दिसंबर 2010 में भी क्रिसमस के ठीक पहले जर्मन सैनिकों से मुलाकात के मकसद से अफगानिस्तान का दौरा किया था। उस वक्त उन्होंने वहां चल रही लड़ाई को पहली बार जंग कहा था।
   
नाटो की अगुवाई वाली अंतरराष्ट्रीय सेना आईएसएएफ में सेना भेजने वाला तीसरा देश जर्मनी ही है। पहले पायदान पर अमेरिका जबकि दूसरे पर ब्रिटेन है। जर्मनी ने एक फरवरी तक अफगानिस्तान में अपने 4,900 सैनिक भेजे हैं।
   
गौरतलब है कि जर्मनी ने साल 2014 तक अफगानिस्तान से अपने सभी सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है। 

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