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लॉटरी सिस्टम चाहते हैं अभिभावक

एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम के सर्वे में 72 प्रतिशत अभिभावकों ने व्यक्त की राय

नर्सरी दाखिलों के लिए इस हफ्ते गाइडलाइंस आ जाएगी। सरकार ने घोषणा कर दी है कि दाखिला प्रक्रिया दो जनवरी से शुरू हो जाएगी, पर एक सर्वे में अभिभावकों का मानना है कि लॉटरी सिस्टम बेहतर विकल्प है।
एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम द्वारा कराए गए सर्वे में अभिभावकों से पूछा गया है कि क्या आप पिछले वर्ष के प्वाइंट सिस्टम को पसंद करते हैं जिसमें एलमुनी, सिबलिंग, गर्ल चाइल्ड के आधार पर प्वाइंट दिए गए थे या फिर वह लॉटरी के आधार पर दाखिला चाहते हैं। सर्वे में 72 प्रतिशत अभिभावकों ने माना कि वह लॉटरी सिस्टम को सबसे बेहतर मानते हैं, जबकि 28 प्रतिशत अभिभावकों का मत था कि पिछले वर्ष जिस प्वाइंट सिस्टम के आधार पर  दाखिले हुए थे वह बेहतर है।

एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम के प्रमुख सुमित वोहरा का कहना है कि अभिभावक सिबलिंग और एलमुनी प्वाइंट सिस्टम को इसलिए नहीं चुन रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इस सिस्टम से उनके बच्चे के दाखिला मिलने की संभावना कम हो जाती है।

पिछले वर्ष अभिभावकों ने देखा था कि अधिकतर बच्चों को दाखिला सिबलिंग या एलमुनी प्वाइंट के आधार पर मिला है। वोहरा ने कहा कि ऐसे में अभिभावकों को लगता है कि प्वाइंट सिस्टम से उनका कुछ फायदा नहीं मिला है, इसलिए वह लॉटरी सिस्टम को ही प्राथमिकता दे रहे हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी संस्था द्वारा कराए गए सर्वे में करीब 65 प्रतिशत अभिभावकों ने प्वाइंट सिस्टम को ही तरजीह दी थी।

शुरू हो गई कवायद

इस हफ्ते आ जाएगी गाइडलाइंस
2 जनवरी, 2012 से शुरू हो रही है दाखिला प्रक्रिया
16 जनवरी तक मिलेंगे फॉर्म
31 मार्च तक अभिभावक बच्चों का दाखिला करा सकेंगे।
आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए नामांकन प्रक्रिया कॉमन फार्म के माध्यम से की जाएगी।
सभी सरकारी, सहायता प्राप्त एंव मान्यता प्राप्त स्कूलों में फॉर्म उपलब्ध रहेंगे।
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पिछले वर्ष ये थे मानक
इसके अलावा स्कूलों ने दाखिलों के लिए मुख्यत: चार मानक बनाए थे। इनमें सिंगल पेरेंट्स, ट्रांसफर,  सिबलिंग, एलमुनी जैसे प्वाइंट्स को आधार बनाया गया था। गाइडलाइंस में स्कूलों को इस बात की छूट दी गई थी कि वह अपने अनुरूप किसी भी मानक की प्राथमिकता को तय कर सकते हैं। ज्ञात हो कि नर्सरी दाखिलों में उम्र को लेकर उच्च न्यायलय ने सरकार से जबाव-तलब किया है।

वापस करनी होगी फीस

अगर कोई अभिभावक दाखिला कराने के एक माह के अंदर दाखिला रद्द करवा लेता है तो स्कूल सिर्फ एक माह का रजिस्ट्रेशन शुल्क, एडमिशन शुल्क और टय़ूशन शुल्क को छोड़ सारे शुल्क को वापस करना होगा। स्कूलों को फीस 15 दिनों के अंदर वापस करनी होगी। वहीं दस्तावेजों में गड़बड़ी की स्थिति में दाखिला रद्द करने की स्थिति में रजिस्ट्रेशन शुल्क को छोड़कर सारा शुल्क वापस करना होगा।

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