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अगवा MLA पर नक्सलियों का रुख सख्त

अगवा विधायक झिना हिकाका को लेकर नक्सलियों ने अपना रुख सख्त करते हुए अंतिम फैसले के लिए एक अन्य प्रजा अदालत आयोजित करने की घोषणा की। माओवादियों ने आदिवासी विधायक को 25 अप्रैल तक बंधक रखने का फैसला किया।

मीडिया को भेजे गए अपने ऑडियो संदेश में सीपीआई (माओवादी) के आंध्र ओडिशा सीमा विशेष जोनल समिति के एक नेता ने कहा, लक्ष्मीपुर विधायक को लेकर प्रजा अदालत का अंतिम फैसला 25 अप्रैल को सुनाया जाएगा।

माओवादियों ने ओडिशा सरकार के पांच माओवादियों सहित 13 कैदियों के खिलाफ मामले वापस लेने और जमानत के माध्यम से 12 अन्य की रिहाई सुगम करने के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया। विधायक को 24 मार्च को कोरापुट जिले से अगवा किया गया था।

हालांकि प्रस्तावित 12 कैदियों में से कुछ को जमानत दे दी गई है लेकिन माओवादी 29 विद्रोहियों की रिहाई की अपनी मांग पर अड़े हैं और सरकार से उनके खिलाफ आरोप वापस लेने की मांग की है। सूत्रों ने बताया कि विद्रोहियों ने अपनी एक अन्य विशेष बैठक (जिसे वे प्रजा अदालत का नाम देते हैं) आयोजित करने का फैसला किया है, क्योंकि गुरूवार को प्रदेश सरकार के मामले वापस लेने की घोषणा के बाद भी इसमें कोई नतीजा नहीं निकल पाया था।

सभी उम्मीदों को खत्म करते हुए माओवादियों ने सुरक्षा बलों की वापसी, ग्रीन हंट ऑपरेशन को रोकने और जेल में बंद विद्रोहियों की रिहाई के लिए कल से दो दिनों के बंद का आयोजन किया और कोरापुट जिले के अपने मजबूत गढ़ नारायणपतना इलाके में सड़कों को जाम कर डाला।

गृह सचिव यूएन बेहरा ने बताया कि नक्सलियों के बंद से बाधित कोरापुट जिले में जनजीवन सामान्य करने के लिए प्रदेश सरकार जरूरी कदम उठा रही है। हालांकि सूत्रों ने बताया कि इलाका प्रदेश के अन्य हिस्सों से वस्तुत: कटा रहा क्योंकि माओवादियों ने सड़कों को पेड़ और पत्थरों से जाम कर दिया, वहीं कुछ स्थानों पर उन्होंने सड़कें खोद डाली।

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